इस्राइल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल रुका है, खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान पाकिस्तान से हाफिज सईद, लखवी और साजिद मीर जैसे वांछित आतंकवादियों को भारत को सौंपने की मांग की। साथ ही उन्होंने आतंक के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की अपील भी की।
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
इस्राइल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर जोर दिया। उन्होंने एक इंटरव्यू में साफ तौर पर कहा कि भारत का ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ रुका है, खत्म नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान से मांग की कि वह हाफिज सईद, साजिद मीर और जकीउर रहमान लखवी जैसे वांछित आतंकियों को भारत को सौंपे, ठीक वैसे ही जैसे अमेरिका ने मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को सौंपा।
'हमें आतंकियों को खत्म करना ही होगा'
विज्ञापन
राजदूत जेपी सिंह ने इंटरव्यू में कहा कि 22 अप्रैल को पहुगलाम हमले में आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों की हत्या की, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए। इसी के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान हमारे गांवों पर गोलीबारी करेगा तो हमें आतंकियों को खत्म करना ही होगा।
सिंह ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से बार-बार आतंकियों को पनाह मिलती रही है। उन्होंने कहा कि हमने मुंबई, पठानकोट, पुलवामा हमलों के पक्के सबूत दिए, लेकिन पाकिस्तान ने कुछ नहीं किया। सिंह ने यह भी कहा कि लखवी और सईद जैसे वांछित आंतकवादी अब भी पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे हैं।
सिंधु जल संधि पर भारत का सख्त रुख
जेपी सिंह ने आगे कहा कि 1960 में बनी सिंधु जल संधि की शर्तें सद्भावना और मित्रता पर आधारित थीं, लेकिन पाकिस्तान ने उसकी भावना का सम्मान नहीं किया। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। इसलिए हमने संधि को स्थगित कर दिया है।
आतंकवाद एक वैश्वित खतरा
इसके साथ ही राजदूत जेपी सिंह ने आगे कहा कि आतंकवाद एक वैश्विक खतरा है। उन्होंने कहा कि भारत, इस्राइल और अन्य देशों को मिलकर इसके खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की नीति अब साफ है, "अब सिर्फ बचाव नहीं, आतंक के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई ही नया सामान्य है। इसके अलावा उन्होंने अंत में दो टूक कहा कि हम आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर हैं। अब आतंकियों और उनके समर्थकों को बख्शा नहीं जाएगा।