फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pakistan: अपने बड़बोले बयानों से बाज नहीं आ रहे पाकिस्तानी रक्षा मंत्री, बोले- अहमियत खो चुका शिमला समझौता

Thu, 05 Jun 2025 08:20 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।

सार

Pakistan: पहलगाम हमले के बाद भारत की कार्रवाई से बौखलाए पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार भी भारत को गीदड़भभकी दी है। उन्होंने कहा कि शिमला समझौता अपनी अहमियत खो चुका है। 
विज्ञापन
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (फाइल) - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य कार्रवाई के बाद भी पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ अपने बड़बोले बयानों से बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर शिमला समझौते को लेकर बयान दिया है। आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत की ओर से की गई कार्रवाई के कारण शिमला समझौता अब अपनी अहमियत खो चुका है। 

विज्ञापन

 
आसिफ अपने बड़बोले बयाने से अक्सर चर्चाओं में रहते हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद से उन्होंने बीते हफ्तों में कई विरोधाभासी बयान दिए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता को लेकर उन्होंने सरकारी जियो टेलीविजन से बातचीत में कहा, यह समझौता पूरी तरह से द्विपक्षीय था और इसमें कोई तीसरा पक्ष या विश्व बैंक शामिल नहीं था। 

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान ने फिर ट्रंप के सामने फैलाए हाथ, भारत के साथ बातचीत में मदद करने के लिए गिड़गिड़ाए शहबाज
विज्ञापन

 
खत्म हुआ शिमला समझौता तो क्या होगा?
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पाकिस्तान शिमला समझौते को खत्म करने पर विचार कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो भारत और पाकिस्तान के बीच की 'नियंत्रण रेखा' (एलओसी) फिर से एक 'संघर्षविराम रेखा' बन सकती है। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से ताबड़तोड़ कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान ने शिमला समझौते को खत्म करने की धमकी थी। हालांकि, इसके बाद भी वह इस ऐतिहासिक समझौते को रद्द करने की हिम्मत नहीं दिखा पाया।  

ये भी पढ़ें: पुतिन और ट्रंप ने फोन पर भारत-पाक संघर्ष पर की चर्चा, पाकिस्तान ने रूस से मदद मांगी
विज्ञापन


1971 के युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच हुआ था शिमला समझौता
1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच पूर्ण पैमाने पर युद्ध हुआ था। इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना के 93 हजार सैनिकों ने भारत के सामने आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच शिमला समझौता हुआ था। इसके तहत पाकिस्तानी कैदियों को रिहा किया गया था। इसमें कई तरह शर्तें हैं। एक शर्त यह भी है कि कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत में कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं होगा। यह समझौता दोनों देशों के द्विपक्षीय संबधों को संचालित करने के लिए नियम तय करता है। 

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने ध्वस्त किए आतंकी ठिकाने
हाल ही में पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों और एयरबेस को ध्वस्त किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया था। भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारत पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले की कोशिश की, लेकिन एस-400, आकाशतीर जैसी वायु रक्षा प्रणालियों ने इन्हें आसमान में ही नष्ट कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान के सैन्य महानिदेशक (डीजीएमओ) ने भारत से गुजारिश की कि शत्रुता को छोड़ देते हैं। फिर दोनों के बीच सैन्य कार्रवाई को रोकने पर सहमति बनी और संघर्षविराम हुआ। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें