भारत और रूस अपने रिश्तों को अगले चरण में ले जाने के लिए बिल्कुल तैयार हैं। क्रेमलिन ने बुधवार को बताया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान दोनों देश 2030 तक की रणनीतिक आर्थिक साझेदारी का रोडमैप साइन करेंगे। रूसी मीडिया ताश के अनुसार, क्रेमलिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि पुतिन की 4-5 दिसंबर की भारत यात्रा 'बहुत अहम' है और इससे दोनों देशों के रिश्तों पर विस्तृत बातचीत का मौका मिलेगा। यात्रा के अंत में कई क्षेत्रों में कई समझौतों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
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- दोनों देश रणनीतिक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम 2030 को मंजूरी देंगे।
- रूस के अनुसार, द्विपक्षीय व्यापार 12% बढ़कर 63.6 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।
- ऊर्जा, रक्षा, स्पेस, हेल्थकेयर, तकनीक और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नई साझेदारी योजनाएं होंगी।
- लक्ष्य: 2030 तक व्यापार को 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना।
आर्थिक और व्यापारिक सहयोग
रूस और भारत कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं, उत्पादन सहयोग, इनोवेशन टेक्नोलॉजी, शांतिपूर्ण अंतरिक्ष अनुसंधान, परिवहन, श्रमिक विनिमय कार्यक्रम और हेल्थकेयर इसमें प्रमुख हैं। पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी देखी जा रही है, 2024 में 8.8 लाख रूसी नागरिकों ने भारत की यात्रा की, जबकि भारत से 40,000 लोग रूस गए।
रक्षा सहयोग- बड़ा कदम
रूस की संसद ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण सैन्य समझौते को मंजूरी दी है, जिसमें दोनों देशों के बीच सैनिकों, सैन्य जहाजों और विमानों की आवाजाही के लिए एक मानकीकृत प्रक्रिया तय की गई है। यह व्यवस्था संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, मानवीय सहायता और आपदा राहत के समय प्रयोग की जाएगी।
उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल
पुतिन के साथ उच्च स्तरीय सरकारी और कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं। इसमें रूसी रक्षा मंत्री, रोसकोस्मोस (स्पेस एजेंसी), रोसनेफ्ट, स्बरबैंक, वीटीबी बैंक के प्रमुख और परमाणु, रेल, ऊर्जा और तकनीक क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हैं।
भारत-रूस विशेष रणनीतिक साझेदारी के 25 साल
यह यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। 2000 में इसे 'स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' घोषित किया गया था, 2010 में इसे स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा मिला।
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पीएम मोदी-पुतिन शिखर बैठक
दोनों नेता इस दौरान 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में मिलेंगे। इसके बाद में दोनों भारत-रूस बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुतिन के सम्मान में राज्य भोज आयोजित करेंगी।