मोदी और शी जिनपिंग अप्रैल में चीन के वुहान में अनौपचारिक बैठक के बाद दो बार मुलाकात कर चुके हैं। दोनों जून में चीन के चिंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन में मिले थे और फिर जुलाई में दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में उनकी मुलाकात हुई थी। मोदी ने शी से कहा कि वह अगले साल एक अनौपचारिक बैठक में उनकी मेजबानी करने की आशा करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसी पहल गति को बनाए रखने में मददगार साबित होती हैं।’’ साथ ही उन्होंने कहा कि चिंगदाओ और जोहान्सबर्ग में दो समीक्षा बैठकें हो चुकी हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों ने पिछले एक साल में काफी उन्नति की है। गौरतलब है कि सिक्किम के डोकलाम सेक्टर में दोनों देशों की सेनाओं के बीच 73 दिनों तक गतिरोध के चलते भारत और चीन के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। दोनों देशों के बीच संबंधों में जमी बर्फ पिघलने के परिणामस्वरूप वुहान में मोदी और शी की एक अनौपचारिक बैठक हुई थी, जहां दोनों नेताओं ने विश्वास और तालमेल बनाने के लिए संचार मजबूत करने की खातिर अपनी - अपनी सेनाओं को रणनीतिक दिशानिर्देश जारी करने का फैसला किया था।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज की बैठक हमारे संबंधों को मजबूत करने के संदर्भ में एक दिशा प्रदान करने में अहम होगी।’’ मोदी ने कहा, ‘‘इस मुलाकात के लिए वक्त निकालने को लेकर मैं आपको (राष्ट्रपति शी को) हार्दिक बधाई देता हूं।’’ मोदी ने बाद में ट्वीट किया, ‘‘अर्जेंटीना में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ शानदार मुलाकात। अनेक द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत हुई। हमारी लगातार बातचीत ने भारत बौर चीन के बीच संबंधों को काफी मजबूत किया है।’’