सीमा विवाद को लेकर भारत-नेपाल के रिश्ते खराब नहीं होने चाहिए, क्योंकि नेपाल को भारत से हर जरूरी वस्तु मिलती है। ऐसे में भारत के विकल्प के रूप में चीन नहीं हो सकता है। नेपाल के एक जाने-माने अर्थशास्त्री ने यह अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, नेपाल सिर्फ जमीन से घिरा हुआ देश नहीं है, बल्कि यह तीन ओर से भारत से ही घिरा हुआ है। अगर भारत ने जवाबी कार्रवाई की तो हालात बिगड़ सकते हैं और इसका देश की अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पडे़गा।
विश्व व्यापार संगठन में सदस्य रह चुके डॉ. पोश राज ने कहा, नेपाल में सभी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भारत से ही होती है। नेपाल करीब दो तिहाई (करीब 66 फीसदी) आयात भारत से ही करता है, जबकि उसका चीन से आयात महज 14 फीसदी ही है। नेपाल के राष्ट्रीय योजना आयोग के पूर्व सदस्य रहे डॉ. पोश राज ने कहा, उत्तर की ओर से समुद्र तक पहुंचने का सबसे करीबी रास्ता 4,000 किमी दूर है, जबकि भारत की ओर से समुद्र तक यानि कोलकाता तक जाने का रास्ता इससे तीन गुना कम है।
पोश राज के मुताबिक, नेपाल अपने कुल निर्यात का 60 फीसदी से ज्यादा भारत को करता है। वहीं, चीन को सिर्फ दो फीसदी ही निर्यात करता है। इससे पहले 2015 में नेपाल के भारत से संबंध उस वक्त खराब हो गए थे, जब भारतीय मूल के मधेशियों ने सरकार के खिलाफ छह महीने से ज्यादा आंदोलन किया था। इससे नेपाल को बडे़ पैमाने पर आर्थिक नाकाबंदी झेलनी पड़ी थी।