भारत की आतंकवाद के खिलाफ कड़ी नीति को लेकर मोदी सरकार के वैश्विक अभियान के तहत एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इन दिनों यूरोप के दौरे पर है। इस अभियान को 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत की कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। इसी सिलसिले में पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (डिप्टी एनएसए) पंकज सरन ने लंदन में कहा कि 'भारत आतंकवाद से अकेले निपटने के लिए पूरी तरह तैयार और सक्षम है।'
ब्रिटेन से भारत को समर्थन मिलने की उम्मीद
पंकज सरन, जो बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, ने बताया कि ब्रिटेन में इस अभियान को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने कहा कि 'हम यहां भारत का सच्चा पक्ष रखने आए हैं और हमें उम्मीद है कि ब्रिटेन भी हमारी बात को समझेगा और समर्थन देगा।'
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हाई कमिश्नर ने लंदन के माहौल की दी जानकारी
लंदन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी की तरफ से प्रतिनिधिमंडल को एक विशेष नाश्ते पर ब्रीफिंग दी गई, जिसमें लंदन का माहौल, मीडिया की सोच और आतंकवाद से संबंधित ब्रिटेन की सोच पर चर्चा हुई। पंकज सरन ने बताया कि कार्यक्रम काफी उपयोगी रहा। उन्होंने कहा, 'हमने ब्रिटेन के हर वर्ग – प्रवासी भारतीय, मीडिया, थिंक टैंक, संसद सदस्यों – से मुलाकात की। यह दौरा काफी सकारात्मक और फलदायक रहा। भारत की स्थिति को समझाने के लिए यह प्रतिनिधिमंडल सबसे उपयुक्त है क्योंकि इसमें कई दलों और क्षेत्रों के वरिष्ठ सांसद शामिल हैं।'
यूरोप के दौरे पर भारत का प्रतिनिधिमंडल
इससे पहले प्रतिनिधिमंडल फ्रांस, इटली, और डेनमार्क का दौरा कर चुका है, जहां उन्होंने सरकारी अधिकारियों, भारतीय समुदाय और अन्य महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात की। इन मुलाकातों का उद्देश्य भारत की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी यानी आतंकवाद के प्रति सख्त रवैये को स्पष्ट करना था। लंदन पहुंचते ही बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'हम लंदन आए हैं ताकि आतंकवाद पर भारत का पक्ष यहां भी मजबूती से रख सकें। जिस तरह हमें फ्रांस, इटली और डेनमार्क में समर्थन मिला, हमें विश्वास है कि ब्रिटेन में भी वही समर्थन मिलेगा।'
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प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल?
इस प्रतिनिधिमंडल में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के सांसद शामिल हैं, जिससे यह संदेश जाता है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति सिर्फ एक पार्टी की नहीं, बल्कि पूरे देश की साझा सोच है। भाजपा के रविशंकर प्रसाद, दग्गुबाती पुरंदेश्वरी, एमजे अकबर, गुलाम अली खटाना और समिक भट्टाचार्य शामिल हैं। वहीं कांग्रेस के अमर सिंह और शिवसेना यूबीटी की तरफ से प्रियंका चतुर्वेदी शामिल हैं।