भारत और कनाडा के बीच विवाद जारी है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की समीक्षा बैठक में भारत ने कनाडा को आइना दिखा दिया। बैठक में भारतीय राजनयिक मोहम्मद हुसैन ने कहा कि राष्ट्रीय रिपोर्ट की प्रस्तुति के लिए भारत कनाडा के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करता है। हम रणनीति अधिनियम, सुगम्य कनाडा अधिनियम और मानव तस्करी से निपटने वाले राष्ट्रीय अधिनियमों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इसी के साथ हम कनाडा को हिंसा भड़काने के लिए, अभिव्यक्ति की आजादी के दुरुपयोग से निपटने के लिए, कट्टरावाद और नस्लीय हमलों को रोकने के लिए, घृणा अपराधों के लिए, अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ को रोकने सहित अन्य हिंसाओं के खिलाफ घरेलू ढांचे को मजबूत करने की सलाह देते हैं।
कनाडाई पीएम ने भारत सरकार पर लगाए आरोप
विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कनाडाई प्रधानमंत्री मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हाल ही में आरोप लगाए कि निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार का हाथ हो सकता है। ट्रूडो ने कहा कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों के पास यह मानने के कारण है कि भारत सरकार के एजेंटों ने ही निज्जर की हत्या की है। कनाडाई एजेंसियां निज्जर की हत्या में भारत की साजिश की संभावनाओं की जांच कर रही हैं। ट्रूडो ने जोर दिया कि कनाडा की धरती में कनाडाई नागरिक की हत्या में किसी भी प्रकार की संलिप्तता अस्वीकार्य है।
जानिए, कौन है हरदीप सिंह निज्जर
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसी साल जून में कनाडा के एक प्रमुख खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कनाडा के सरे में स्थित गुरु नानक सिख गुरुद्वारे के नजदीक दो अज्ञात हमलावरों ने निज्जर पर हमला किया था। हमले में उसकी मौत हो गई थी। भारतीय एजेंसी एनआईए ने निज्जर को भगोड़ा घोषित किया था। बता दें, निज्जर गुरु नानक सिख गुरुद्वारे का अध्यक्ष था और कनाडा में चरमपंथी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) का प्रमुख चेहरा था। निज्जर, खालिस्तान टाइगर फोर्स का प्रमुख भी था।