जब भारत की गुलाबी नगरी जयपुर के रंग फ्रांस के कैनवास पर बिखरे, तो दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली नेता मंत्रमुग्ध हो गए। जी-7 समिट की बैठकों से पहले पीएम मोदी और मैक्रों ने व्यापार और एआई पर तो हाथ मिलाया ही, साथ ही कला के इस अनूठे पुल पर चलकर दोनों देशों की दोस्ती को एक नई और बेहद खूबसूरत रंग भी दे दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को एक बेहद अनोखी प्रदर्शनी देखी। दोनों बड़े नेताओं ने दो फ्रांसीसी कलाकारों की बनाई सुंदर कलाकृतियों का दीदार किया। ये कलाकार कुछ समय पहले भारत आए थे। उन्होंने जयपुर की एक कला रेजीडेंसी में हिस्सा लिया था। वहां रहकर उन्होंने भारतीय संस्कृति को करीब से जाना। इसके बाद उन्होंने भारत के रंगों को अपनी कला में उतारा।
विज्ञापन
जयपुर की यादों से सजी कला
प्रधानमंत्री मोदी इस समय फ्रांस के दौरे पर हैं। वे यहां जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आए हैं। इसी दौरान उन्होंने राष्ट्रपति मैक्रों के साथ दोनों कलाकारों से मुलाकात की। इन कलाकारों के नाम थिबॉल्ट डी ला लांस और थियोफाइल डी बास्चर हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने बताया कि ये कलाकार पहली बार भारत आए थे। उन्हें भारत की कला और संस्कृति बहुत पसंद आई। उन्होंने इसी अनुभव को अपने नए डिजाइनों में शामिल किया।
10 दिनों की मेहनत लाई रंग
ये सभी कलाकृतियां जयपुर में 10 दिनों तक रहने के बाद तैयार की गईं। इन कृतियों में भारत और फ्रांस का अनोखा संगम साफ दिखाई देता है। यह भारत की समृद्ध विरासत का ही असर है कि विदेशी कलाकारों ने इसे इतनी खूबसूरती से अपनाया। दोनों नेताओं ने कलाकृतियों को बहुत ध्यान से देखा। उन्होंने कलाकारों के इस बेहतरीन हुनर की जमकर तारीफ भी की।
व्यापार और तकनीक पर भी हुई बात
इस सांस्कृतिक कार्यक्रम से पहले दोनों नेताओं ने भारत इनोवेट्स इवेंट में भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में भारत, फ्रांस और कुछ अन्य देशों के बेहतरीन स्टार्टअप्स शामिल हुए थे। इसके साथ ही पीएम मोदी और मैक्रों के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप, बुनियादी ढांचे, मोबिलिटी और स्वास्थ्य जैसे कई बड़े विषयों पर गहन चर्चा की।