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India-France: भारत-फ्रांस ने रक्षा क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं की घोषणा की, प्लास्टिक का इस्तेमाल करेंगे कम

Sat, 15 Jul 2023 03:18 AM IST
गुलाम अहमद वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

India-France: भारत और फ्रांस ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग से जुड़ी परियोजनाओं की घोषणा की है। इसके अलावा दोनों देशों ने सिंगल-यूज प्लास्टिक उत्पादों से होने वाले प्रदूषण को खत्म करने की प्रतिबद्धता जताई।
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India France defence cooperation - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच शुक्रवार को हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर इंजन के संयुक्त विकास और भारतीय नौसेना के लिए तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के निर्माण सहित कई रक्षा परियोजनाओं की घोषणा की। हालांकि, इस दौरान भारत द्वारा फ्रांस से राफेल लड़ाकू जेट के 26 नौसैनिक वेरिएंट की खरीद पर कोई बयान सामने नहीं आया है।

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द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने एडवांस डिफेंस टेक्नोलॉजी के संयुक्त विकास और उत्पादन में सहयोग करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। गौरतलब है कि इस फैसले को भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते द्विपक्षीय रक्षा संबंधों के प्रतिबिंब के रूप में देखा जा रहा है।

वहीं, एक दस्तावेज में 36 राफेल जेट की समय पर डिलीवरी का उल्लेख किया गया है, जो भारत ने वायुसेना के लिए फ्रांस से खरीदे थे। इसमें कहा गया है कि दोनों पक्ष पी-75 कार्यक्रम के तहत तीन अतिरिक्त पनडुब्बियों के निर्माण के लिए भारत सरकार की कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और फ्रांस के नौसेना समूह के बीच हुए समझौते का स्वागत करते हैं।
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एडवांस एरोनाटिकल टेक्नोलॉजी में सहयोग
इसमें कहा गया है कि भविष्य में भारत और फ्रांस लड़ाकू विमान इंजन के संयुक्त विकास का समर्थन करने के साथ एडवांस एरोनाटिकल टेक्नोलॉजी में भी सहयोग करेंगे। इसके लिए इसी साल सफरान और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के बीच एक रोडमैप तैयार किया जाएगा।

प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को रोकने की प्रतिबद्धता
इसके अलावा दोनों देशों ने सिंगल-यूज प्लास्टिक उत्पादों से होने वाले प्रदूषण को खत्म करने की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि प्लास्टिक से होने वाला प्रदूषण एक वैश्विक पर्यावरणीय मुद्दा बन गया है, जिसे तत्काल संबोधित किया जाना चाहिए। इसका इको-सिस्टम और पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। दोनों देशों ने कहा कि सिंगल यूज वाले प्लास्टिक उत्पादों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाना चाहिए और उनके स्थान पर दोबारा इस्तेमाल योग्य प्लास्टिक उत्पादों का उपयोग करना चाहिए।

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