विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके साइप्रस समकक्ष इयोनिस कसौलाइड ने गुरुवार को निकोसिया में रक्षा और सैन्य सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
जयशंकर ने कसौलाइड्स के साथ एक साझा प्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, हमने आज कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से एक हमारे दोनों देशों के बीच रक्षा और सैन्य सहयोग पर एमओयू है। जयशंकर ने साइप्रस की पहली यात्रा के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। दोनों पक्षों ने प्रवासन (माइग्रेसन) और मॉबिलिटी पार्टनरशिप पर आशय पत्र भी हस्ताक्षर किए।
उन्होंने कहा कि यह समझौता छात्रों, व्यवसायियों और पेशेवरों की गतिशीलता को सुविधाजनक बनाने के लिए व्यवस्था और सहयोग का एक सामान्य ढांचा प्रदान करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा इससे अनियमित प्रवासन से निपटने में भी मदद मिलेगी।
जयशंकर ने साइप्रस द्वारा इंटरनेशनल सोलर अलायंस पर हस्ताक्षर करने पर रूपरेखा (फ्रेमवर्क) समझौते पर हस्ताक्षर करने का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा, मुझे भरोसा है कि इसके परिणामस्वरूप रिजन्यूवेबल एनर्जी के क्षेत्र में हमारे सहयोग को लाभ मिलेगी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर 29 दिसंबर से तीन जनवरी तक साइप्रस और ऑस्ट्रिया की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस वर्ष भारत और साइप्रस के बीच राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। यात्रा के दौरान जयशंकर साइप्रस के अपने समकक्ष लोआनिस कासोउलिडेस के साथ बैठक की। वहीं, यात्रा के दौरान वह ऑस्ट्रिया में विदेश मंत्री, यूरोपीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के मंत्री एलेक्जेंडर शैलेनवर्ग से भी मुलाकात करेंगे।
उन्होंने कहा, हमारे द्विपक्षीय संबंधों में बहुत कुछ ऐसा है, जिस पर हम गर्व कर सकते हैं और हमारे बीच सहयोग का विस्तार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जयशंकर ने कोविड महामारी और दुनिया में चल रहे संघर्ष की नई चुनौतियों का समाधान करने की अपील की। विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने भारत साइप्रस मुद्दे के समाधान के रूप में संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर एक द्वि-सांप्रदायिक, द्वि-क्षेत्रीय महासंघ के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
उन्होंने कहा, उर्जा सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा खास तौर पर दबाव वाले मुद्दे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में भारत मानवीय सहायता, दवाओं, वैक्सीन और खाद्यान के विस्तार की दिशा में काम करने में अपने अन्य भागीदारों के साथ शामिल हो गया है।
यूक्रेन संघर्ष पर हुई चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को साइप्रस की प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष अनीता डेमेट्रियौ से मुलाकात की और यूक्रेन विवाद समेत कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की। जयशंकर ने एक ट्वीट में कहा कि प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष अनीता डेमेट्रियौ से मिलकर अच्छा लगा। हमारी संसदीय प्रथाओं पर एक अच्छी बातचीत हुई। जयशंकर ने ट्वीट किया कि उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों और यूक्रेन विवाद पर भी चर्चा की। इससे पहले एस जयशंकर ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी इस दौरान उनके साथ डेमेट्रियौ साथ रहीं।
भारत ने साइप्रस संग किया रक्षा समझौता
निकोसिया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके साइप्रस समकक्ष इयोनिस कसौलाइड ने बृहस्पतिवार को निकोसिया में रक्षा और सैन्य सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। जयशंकर ने एक साझा प्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, हमने आज कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से एक रक्षा और सैन्य सहयोग पर एमओयू है। दोनों देशों ने प्रवासन (माइग्रेसन) और मॉबिलिटी पार्टनरशिप पर आशय पत्र भी हस्ताक्षर किए। जयशंकर ने साइप्रस द्वारा इंटरनेशनल सोलर अलायंस पर हस्ताक्षर करने पर रूपरेखा (फ्रेमवर्क) समझौते पर हस्ताक्षर करने का भी स्वागत किया।