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यूएन में भारत ने पाकिस्तान को घेरा: कहा- सेना ही असली हुक्मरान, सरकार के पास अपने फैसले लेने की हिम्मत नहीं

Sun, 25 Oct 2026 12:30 PM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को अल्पसंख्यकों के अधिकारों, मानवाधिकारों और कश्मीर के मुद्दे पर घेरते हुए कहा कि वहां चुनी हुई सरकार से ज्यादा ताकत सेना के पास है। 
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रघु पुरी, सचिव, भारत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को जमकर घेरा है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया के सामने भारत की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है, जबकि उसे पहले अपने देश के हालात पर ध्यान देना चाहिए। भारत ने तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान में सेना ही असली हुक्मरान है और वहां की सरकार में सेना के फैसलों के खिलाफ जाने की हिम्मत नहीं है। भारत ने यह भी सवाल उठाया कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात करने वाला पाकिस्तान अपने यहां के लोगों के साथ कैसा व्यवहार कर रहा है।

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पाकिस्तान की सरकार पर साधा निशाना
संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में शनिवार को अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव रघू पुरी ने पाकिस्तान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है और ऐसा करके अपने देश की समस्याओं से दुनिया का ध्यान हटाना चाहता है। पुरी ने कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था कमजोर हालत में है। देश के कई हिस्सों में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और मानवाधिकारों के उल्लंघन की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा से लेकर बलूचिस्तान तक के हालात पर पाकिस्तान को ध्यान देना चाहिए।

'सेना के इशारे पर चलती है सरकार'
भारत ने पाकिस्तान की राजनीति में सेना के दखल का मुद्दा भी उठाया। रघू पुरी ने कहा कि पाकिस्तान में सेना का हित सबसे ऊपर है और वही देश की असली ताकत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भारत पाकिस्तानी प्रतिनिधि की परेशानी समझ सकता है, क्योंकि वहां की सरकार सेना के निर्देशों को नजरअंदाज करने की स्थिति में नहीं है। पुरी ने पाकिस्तान की मौजूदा सरकार के लिए 'फॉर्म 47 सरकार' शब्द का इस्तेमाल किया। यह शब्द 2024 के आम चुनावों में कथित धांधली और चुनावी नतीजों में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर इस्तेमाल किया जाता है।
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क्या है फॉर्म 47 का पूरा मामला?
पाकिस्तान में फॉर्म 47 एक आधिकारिक चुनावी दस्तावेज है, जिसमें किसी निर्वाचन क्षेत्र के मतदान के समेकित नतीजे दर्ज होते हैं। फरवरी 2024 में हुए आम चुनावों के बाद नतीजों में हेरफेर और अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इसी वजह से सरकार के आलोचक उसे 'फॉर्म 47 सरकार' कहते हैं। भारत ने इसी संदर्भ के जरिए पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल उठाए।

अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर भी घेरा
भारत ने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात तो करता है, लेकिन उसका अपना रिकॉर्ड भी सवालों के घेरे में है। पुरी ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी आजादी के बाद से काफी घट गई है। उन्होंने पाकिस्तान से दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने देश के हालात सुधारने और नागरिकों के हितों पर ध्यान देने की अपील की।

जम्मू-कश्मीर पर भारत का दोटूक जवाब
पाकिस्तान अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाता है और भारत के रुख पर सवाल करता है। इस बार भी भारत ने पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। भारत के मुताबिक, अब केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली कराने का मुद्दा बाकी है।

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भारत ने अपनी विविधता का किया जिक्र
अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर चर्चा के दौरान भारत ने कहा कि उनकी सुरक्षा और अधिकारों को बढ़ावा देना हर देश की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पुरी ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे विविध समाजों में से एक है, जहां अलग-अलग धर्मों, भाषाओं और समुदायों के लोग रहते हैं। विविधता भारत की सभ्यता की पहचान रही है और देश को इस पर गर्व है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करता है। अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों ने देश के विकास में अहम योगदान दिया है। वे संवैधानिक पदों, सरकारी संस्थानों, सेना, कानून-व्यवस्था, फिल्म जगत और कारोबार समेत कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। पुरी ने कहा कि पाकिस्तान में ऐसे उदाहरण ढूंढना उनके लिए मुश्किल है।

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