जलवायु शिखर सम्मेलन 2019 के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस के विशेष दूत ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कदम उठाने के लिए भारत की सहभागिता बहुत महत्वपूर्ण है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु संबंधी मामलों में नेतृत्व जारी रखने की पुन: प्रतिबद्धता जताई है।
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी ने भारतीय कंपनियों के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा, ‘मैंने हाल में भारत की यात्रा की और सीमेंट उद्योग समेत बड़ी संख्या में अनेक कंपनियों - टाटा, महिंद्रा जैसी कंपनियों के साथ बैठक की। ये उद्योग जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं।’ अल्बा ने चीन को संदेश दिया कि उसे ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल में हरियाली पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौता लागू करने के लिए उपायों में तेजी लाने के मकसद से 23 सितंबर को शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। इस सम्मेलन में विश्व के 100 से अधिक नेताओं के भाग लेने की उम्मीद है। अन्य नेताओं के साथ मोदी भी इस सम्मेलन को संबोधित कर सकते हैं। इसके तहत संयुक्त राष्ट्र युवा जलवायु परिवर्तन कार्रवाई शिखर सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली में सहायक सचिवालय कार्यालय सहित आपदा प्रबंधन आधारभूत संरचना पर अंतरराष्ट्रीय गठबंधन (सीडीआरआई) की स्थापना का फैसला लिया है। हालांकि इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री ने 13 अगस्त को ही मंजूरी दे दी थी।