india china disputes(file photo)
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पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में हुई झड़प से परमाणु शक्ति संपन्न भारत-चीन के बीच संघर्ष छिड़ सकता है। चीन के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के एक लेख में यह आशंका जताई गई है। लेख के लेखक और पूर्व राजनयिक शी जियांगताओ ने कहा कि चीन का ध्यान इस वक्त अमेरिका के साथ नए कोल्ड वॉर की ओर है।
ऐसे में एलएसी पर तनाव संघर्ष में तब्दील हो सकता है। भले ही दोनों देशों ने सीमा पर तनाव कम करने और सेनाओं को पीछे हटने पर सहमति जताई हो, मगर तनाव इतना ज्यादा है कि वहां का माहौल जल्द ही बिगड़ सकता है।
दोनों देशों की सेेनाओं ने बडे़ पैमाने पर सीमा पर सैनिकों और हथियारों का जमावड़ा किया है। शी ने कहा है कि चीन के लिए यह तनाव बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है, क्योंकि भारत ने अमेरिका से अच्छे रिश्ते बना लिए हैं। इसके अलावा चीन कोरोना महामारी को छिपाने के आरोपों के चलते पहले से ही दुनिया के निशाने पर है।
भारत एशिया की बड़ी ताकत बनकर उभरा
लेख में कहा गया है कि भारत क्षेत्रीय ताकत के रूप में उभरा है। साथ ही भारत के अमेरिका से बढ़ती नजदीकियाें के चलते चीन काफी चिंतित है। ओशन यूनिवर्सिटी ऑफ चाइना के अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार पैंग झोंगयिंग ने कहा कि भारत ने बीते दो दशक में खुद को दक्षिण एशिया से एशिया की बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित किया है। ऐसे में चीन ने भारत के खिलाफ यह मोर्चा खोलकर जोखिम मोल लिया है।
लेख में यह भी कहा गया है कि भारत भले ही चीन को मुख्य खतरा मानता है, मगर चीन भारत को दूसरे नंबर की चुनौती मानता है। वह अमेरिका को पश्चिमी प्रशांत में पहली चुनौती मानता है।