जाने माने स्वीडिश पत्रकार ने दावा किया है कि भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर टकराव का सीमा विवाद से कोई लेना देना नहीं है। दरअसल, चीन बहुराष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव (बीआरआई) को खारिज करने पर नई दिल्ली को सबक सिखाना चाहता है। पूर्वी लद्दाख में जो कुछ चीन कर रहा है, वह इसी का हिस्सा है।
स्वीडन के पत्रकार बर्टिल लिंटनर ने कहा कि दरअसल चीन मौजूदा कोरोना संकट का फायदा उठाना चाहता है। इसके चलते वह पूरे हिंद प्रशांत क्षेत्र में अपनी ताकत दिखा रहा है। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारत के साथ तनातनी हो या हांगकांग में नया सुरक्षा कानून लागू करना। ताइवान के हवाई क्षेत्र में लड़ाकू विमान भेजना हो या दक्षिणी चीन सागर में वियतनाम और फिलीपींस से टकराव।
चीन पूरे इलाके में अपनी शक्ति दिखा रहा है। लिंटनर ने कहा, भारत के साथ टकराव का सीमा विवाद से कुछ संबंध नहीं है। दरअसल, भारत ने उसके बहुउद्देशीय बीआरआई प्रोजेक्ट को खारिज कर दिया है, जिससे वह चीन तिलमिला गया है। वह पड़ोसी देशों को दिखाना चाहता है कि क्षेत्र में कौन सबसे ज्यादा ताकतवर है। चीन विश्व में सुपरपावर बनना चाहता है और यह आक्रामक रवैया व बीआरआई कॉरिडोर उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।