भारत और चीन आगामी हफ्तों में बातचीत के लिए बैठक आयोजन करने जा रहे है। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी इस बैठक में दोनों देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद यह दोनों देशों के बीच पहली बैठक होगी। अक्टूबर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक से पहले दोनों देशों के बीच इस बैठक का आयोजन किया जाएगा।
सोमवार को भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बातचीत में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। दोनों देशों ने निर्णय लिया कि वे सीमा विवाद के विभिन्न पहलुओं की समाप्ती के लिए प्रयास करेंगे। हाल ही में भारत द्वारा जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे की समाप्ती के बाद से दोनों देशों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया था।
वांग ने सोमवार को भारत-चीन मीडिया सम्मेलन के दौरान कहा कि चीन अपने हितों को ध्यान में रखते हुए भारत के साथ सीमा पर तालमेल बढाने के लिए प्रयास करेगा। चीन द्वारा इस बात को लेकर भारत सरकार को कुछ प्रस्ताव दिए गए हैं लेकिन अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि चीन ने भारत को क्या प्रस्ताव दिया है।
चीन की तरफ से यह पहला कदम हैं जिसमें वह भारत के साथ सीमा विवाद सुलझाने को इच्छुक नजर आ रहा है। यह कई वर्षों से भारत की प्राथमिकता है, लेकिन इस प्रक्रिया में शामिल भारतीय अधिकारियों का मानना था कि चीन इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए तैयार नहीं था।
चीन की तरफ से विवाद को सुलझाने को लेकर प्रस्ताव पेश करना दिखाता है कि वह इस मामले को लेकर विचार कर रहा है।