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भारत का ब्रिक्स राष्ट्रों से अनुरोध, अपनी जमीन से आतंक के वित्तपोषण को रोकें

Sat, 27 Jul 2019 08:56 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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ब्रिक्स के देशों के विदेश मंत्रियों के साथ वीके सिंह - फोटो : Twitter
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भारत ने अन्य ब्रिक्स राष्ट्रों के साथ शुक्रवार को सभी देशों से आतंकवादी नेटवर्क के वित्तपोषण और अपने क्षेत्रों से आतंकवादी कार्रवाईयों को रोकने के लिए कहा है। ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के विदेश मंत्री/अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मंत्रियों के साथ रियो डी जनेरियो में बैठक के दौरान पांचों देशों ने संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में आतंकवाद से लड़ने के लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय कानूनी आधार पर प्रयास करने का आह्वान किया है।

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भारत का प्रतिनिधित्व सेवानिवृत्त जनरल वीके सिंह ने किया, जो सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री हैं। बता दें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए की जाने वाली ब्राजील की अपनी प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को कहा था कि ब्रिक्स बैठकों में भारत का प्रतिनिधित्व जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह करते रहे हैं, जो सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री हैं।

वीके सिंह राजग की पिछली सरकार में विदेश राज्यमंत्री थे और लातिन अमेरिका से जुड़े मामले देखा करते थे। रवीश कुमार ने कहा कि जहां तक मुझे जानकारी मिली है विदेश मंत्री को कुछ संसदीय कामकाज हैं लिहाजा यह फैसला किया गया है कि सिंह ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश मंत्रालय ने 18 जुलाई को कहा था कि जयशंकर 25-26 जुलाई को होने वाली ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
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पांच देशों ने आतंकवाद को रोकने और उसका मुकाबला करने में राज्यों और उनकी भूमिका को मान्यता दी। इन देशों के मंत्रियों ने विश्वास व्यक्त किया कि आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है। इन देशों के मंत्रियों ने विश्वास व्यक्त किया कि आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है।

बैठक के बाद जारी किए गए बयान में कहा गया है कि व्यापक दृष्टिकोण में कट्टरपंथीकरण, भर्ती, विदेशी आतंकी लड़ाकों की यात्रा, आतंकवादी वित्तपोषण के स्रोतों और चैनलों को अवरुद्ध करना, आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करना और सूचना और इंटरनेट के जरिए आतंकवादी संस्थाओं द्वारा संचार तकनीकों के दुरुपयोग को रोकना शामिल होना चाहिए।

मंत्रियों ने हाल में हुए आतंकवादी हमलों की निंदा की जिसमें कुछ ब्रिक्स देशों में हुए हमले भी शामिल हैं। सभी ने हर रूप और अभिव्यक्ति में आतंकवाद को नकारा। उन्होंने आतंकवादी कृत्यों को आपराधिक और अन्यायपूर्ण बताया, जो किसी भी धर्म, राष्ट्रीयता, जातीय समूह या सभ्यता से जुड़ा नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी राज्यों को उनकी जिम्मेदारी याद करते हुए कहा कि वे अपने इलाकों से आतंकवादी नेटवर्क और आतंकवादी कार्यों के वित्तपोषण को रोकें।

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