पश्चिम एशिया में संघर्ष और वैश्विक ईंधन संकट के बीच, भारत ने बांग्लादेश के प्रति सहयोग का उदाहरण पेश किया। इसके तहत भारत ने 5000 टन डीजल पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश भेजा। यह आपूर्ति समझौते के तहत छह महीने की जरूरतों का हिस्सा है।
पश्चिम एशिया में संघर्ष और वैश्विक ईंधन संकट के बीच भारत ने पड़ोसी बांग्लादेश के प्रति सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण पेश किया है। इसके तहत भारत बांग्लादेश को आज 5,000 टन डीजल पाइपलाइन के माध्यम से भेजा जा रहा है, जो आपूर्ति समझौते के तहत छह महीने की जरूरतों का हिस्सा है। तेल को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच भारत का यह कदम न सिर्फ क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करता है, बल्कि सहयोग और भरोसे की मिसाल भी पेश करता है।
ईंधन की बिक्री वाहन की श्रेणी के अनुसार सीमित
गौरतलब है कि बांग्लादेश सरकार ने देश में ईंधन की बिक्री को वाहन की श्रेणी के अनुसार सीमित कर दिया है। बावजूद इसके, कई पेट्रोल पंपों पर नियमों से अधिक ईंधन बेचा जा रहा है, अतिरिक्त स्टॉक जमा किया जा रहा है और कभी-कभी खुले बाजार में बिक्री या तस्करी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। इसको रोकने के लिए बांग्लादेश सरकार ने मोबाइल कोर्ट अभियान भी चलाया।