प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के बाद कहा कि भारत और रूस किसी भी देश के आंतरिक मामलों में ‘बाहरी प्रभाव’ के खिलाफ हैं। इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार एवं निवेश, तेल एवं गैस, परमाणु ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और समुद्री संपर्क में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
दो दिवसीय यात्रा पर रूस पहुंचे पीएम मोदी पूर्वी आर्थिक मंच (ईईएफ) में भी शामिल होंगे। वह रूस के पूर्वी सुदूर क्षेत्र की यात्रा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के साथ अपनी बातचीत के बाद एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम दोनों किसी भी देश के आंतरिक मामले में बाहरी प्रभाव के खिलाफ हैं।’
मोदी की यह टिप्पणी भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की पृष्ठभूमि में आई है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करना उसका एक आंतरिक मामला है। भारत ने इसके साथ ही पाकिस्तान को वास्तविकता स्वीकार करने की भी सलाह दी है।
रूस ने जम्मू कश्मीर पर भारत के कदम का समर्थन किया है और कहा है कि दर्जे में परिवर्तन भारतीय संविधान के ढांचे के अनुरूप है। दोनों नेताओं ने 20वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता की। इससे पहले दोनों नेताओं के बीच दो घंटे तक एक पोत पर अकेले में बातचीत हुई जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच विशेष संबंधों को मजबूती प्रदान करना था।
दोनों नेताओं ने व्यापार एवं निवेश, तेल एवं गैस, खनन, परमाणु ऊर्जा, रक्षा एवं सुरक्षा, वायु एवं समुद्री सम्पर्क, परिवहन आधारभूत ढांचा, हाईटेक, बाहरी अंतरिक्ष और लोगों के बीच सम्पर्क के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।