रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मिस्र के उनके समकक्ष जनरल मोहम्मद जकी।
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तीन दिवसीय दौरे पर मिस्र गए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजधानी काहिरा में अपने समकक्ष जनरल मोहम्मद जकी के साथ व्यापक चर्चा की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को लेकर वार्ता हुई। दोनों की मुलाकात के दौरान भारत और मिस्र ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। साथ ही दोनों देशों के बीच एक संयुक्त अभ्यास पर भी सहमति बनी। इस समझौते पर खुशी जताते हुए रक्षा मंत्री ने ट्वीट किया कि रक्षा सहयोग समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने से हमारे संबंधों में नई गति आएगी और तालमेल भी बनेगा।
गौरतलब है कि राजनाथ सिंह सामरिक रुप से महत्वपूर्ण अरब देश मिस्र के तीन दिवसीय दौरे पर रविवार को काहिरा पहुंचे थे। सोमवार को उन्होंने अपने समकक्ष के साथ बैठक की। साथ ही उन्होंने वायु सेना संग्रहालय का दौरा भी किया। उन्होंने बैठक की कुछ तस्वीरों को ट्वीट भी किया। उनकी बैठकों को लेकर रक्षा मंत्रालय ने भी एक बयान जारी किया। इसमें मंत्रालय ने कहा कि बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा संबंधों को मजबूत करने के कदमों पर चर्चा की। इस दौरान आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण के लिए जवानों के आदान-प्रदान को लेकर भी दोनों के बीच सहमति बनी। रक्षा मंत्रालय ने आगे कहा कि दोनों देशों के मंत्रियों के बीच समयबद्ध तरीके से भारत और मिस्र के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के प्रस्तावों पर भी सहमति बनी।
इससे पहले, द्विपक्षीय वार्ता शुरू होने से पहले सिंह को काहिरा में रक्षा मंत्रालय में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने काहिरा में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से मुलाकात की। दोनों नेता सैन्य सहयोग को और विकसित करने और संयुक्त प्रशिक्षण, रक्षा सह-उत्पादन और उपकरणों के रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करने पर सहमत हुए।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रक्षा मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ मिस्र के कड़े रुख की सराहना की। राष्ट्रपति सिसी ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के खतरे का मुकाबला करने के लिए भारत और मिस्र को विशेषज्ञता और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने की आवश्यकता है।