एकतरफ दुनिया महामारी पर चीन से मुआवजे को लेकर आवाज उठाने लगी है, वहीं साम्यवादी पार्टी ने देश में बढ़ती नाराजगी को विदेशी साजिश करार दिया है। सिचुआन में 2008 में आए भूकंप में 69 हजार लोग मारे गए थे। तब सरकार ने उन अभिभावकों का मुंह बंद रखने के लिए मोटी रकम की पेशकश की जिनके बच्चे मारे गए थे।
प्रोजेक्ट से जुड़े चेन मेई (जो लापता हैं) के भाई चेन कुन ने बताया कि उसे भाई के बारे में कोई जानकारी नहीं है। लेकिन इसी प्रोजेक्ट से जुड़े एक अन्य लापता व्यक्ति चेई वेई के रिश्तेदार से पता चला कि चेई और उसकी प्रेमिका को झगड़ा करने और काम में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। सरकार असंतुष्टों के खिलाफ ऐसे ही फर्जी आरोप लगाती रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक वुहान में कोरोना से लगभग चार हजार लोगों की मौत हुई। लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि सही आंकड़ा इससे कई गुना अधिक है। सरकार ने दो शीर्ष अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया, पर पीड़ितों के परिजन इसे नाकाफी मानते हैं। उनका कहना है, उन्हें नुकसान की भरपाई की जाए और दोषी अफसरों को सजा दी जाए।
झांग हेई को यकीन है, वुहान अस्पताल में संक्रमित पिता की मौत फरवरी में ही हो गई थी। वह अब भी साम्यवादी पार्टी का समर्थन करते हैं, पर शुरुआती तौर पर वायरस फैलाने के सच को छुपाने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
यांग कहते हैं कि देशभक्ति जगाने के लिए सरकार ने मृतकों को पीड़ित के बजाय शहीद दिखाने का प्रयास किया है। सेंसर ने अधिकारियों की शुरुआती नाकामी दिखाने वाली खबरें हटा दीं। दरअसल यह कार्रवाई सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के इस डर को दिखाती है कि यदि अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाता है तो सरकार की तरफ से पेश किया गया वह तथ्य झूठा साबित हो जाएगा कि केवल चीन के सत्तावादी तंत्र ने देश को विनाशकारी संकट से बचाया है।