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आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान की सेना ने स्वेच्छा से अपने बजट में की कटौती

Wed, 05 Jun 2019 03:20 PM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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इमरान खान (फाइल फोटो) - फोटो : social media
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पाकिस्तानी सेना ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए इस साल पेश होने वाले बजट में स्वेच्छा से कटौती करने का निर्णय लिया है। यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब आर्थिक संकट से जूझ रही सरकार आर्थिक तंगी को कम करने की भरपूर कोशिश कर रही है। इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन के महानिदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्विटर पर लिखा कि बजट में कटौती रक्षा और सुरक्षा की लागत पर नहीं होगी।

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गफूर ने ट्विटर पर लिखा, 'एक साल के लिए रक्षा बजट में स्वैच्छिक कटौती रक्षा और सुरक्षा की कीमत पर नहीं होगी। हम सभी खतरों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता बनाए रखेंगे। तीनों सेवाएं उचित आंतरिक उपायों के माध्यम से कटौती के प्रभाव का प्रबंधन करेंगी। जनजातीय क्षेत्रों और बलूचिस्तान के विकास में भागीदारी करना महत्वपूर्ण होगा।' हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि बजट में कितनी कटौती होगी।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तानी सेना के स्वैच्छिक तौर पर रक्षा बजट में कटौती करना प्रशंसनीय कदम है। खासतौर से देश की आर्थिक हालात में यह महत्वपूर्ण हो जाता है। खान ने कहा कि पाकिस्तान कई चुनौतियों का सामना कर रहा है इसके बावजूद सेना द्वारा यह कदम उठाए जाने के लिए वह आभारी हैं। उन्होंने कहा कि इस फंड का इस्तेमाल नव विलीय जनजातिय क्षेत्रों के साथ ही बलूचिस्तान के विकास में खर्च होंगे। 
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विज्ञान और तकनीकी मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि यह छोटा कदम नहीं है। चौधरी ने कहा, 'केवल एक मजबूत नागरिक-सैन्य समन्वय पाकिस्तान को शासन और अर्थव्यवस्था की गहरी समस्याओं से बचा सकता है।' पिछले साल प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद इमरान खान ने कई कठोर कदम उठाए हैं। वह अपने दो नौकरों और सैन्य सचिव के साथ मामूली से तीन बेडरुम वाले घर में रहने के लिए चले गए।

28 मई को प्रधानमंत्री के विशेष सहायक फिरदौस आशिक अवान ने घोषणा की कि 11 जून को आम बजट पेश होगा। पिछले महीने सरकार ने घोषणा की कि सभी नागरिक और सैन्य संस्थान 2019-20 के लिए अपने बजट में स्वेच्छा से कटौती करेंगे। उन्होंने बताया कि हम चाहते हैं कि सरकार के खर्चों को न्यूनतम किया जाए। अप्रैल में आई स्टॉकहोल्म इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 में पाकिस्तान दुनिया में सेना पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाले देशों में 20वें स्थान पर था।
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