अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन
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सवा दो ट्रिलियन डॉलर के इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज को लागू करने के लिए धनी लोगों पर टैक्स बढ़ाने की अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की मंशा पूरी होने की संभावना बेहद कमजोर हो गई है। आखिरी दांव के तौर पर अब बाइडन प्रशासन ने कॉरपोरेट घरानों से बातचीत कर ज्यादा टैक्स देने के लिए उन्हें राजी करने की पहल की है। वित्त मंत्री जेनेट येलेन इस मकसद से यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स से जुड़े कारोबारियों को संबोधित करेंगी।
वहां उनके दिए जाने वाले भाषण की कॉपी वेबसाइट एक्सियोस.कॉम ने मंगलवार को प्रकाशित कर दी। उसके मुताबिक येलेन कारोबारियों के सामने कहेंगी- ‘हमें पूरा विश्वास है कि अमेरिकन जॉब्स प्लान (इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज) को अगर एक पैकेज के रूप में देखा जाए, तो उससे कॉरपोरेट घरानों के कुल मुनाफे में बढ़ोतरी होगी और दुनिया में प्रतिस्पर्धा की उनकी क्षमता में सुधार होगा। हमें उम्मीद है कि अग्रणी कारोबारी इसे इस नजरिए से देखेंगे और जॉब्स प्लान का समर्थन करेंगे।’
गौरतलब है कि बाइडन प्रशासन इस मामले में रिपब्लिकन पार्टी के साथ सहमति बनाने की कोशिशों में भी जुटा है। लेकिन रिपब्लिकन नेताओं ने टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव का समर्थन करने से साफ इंकार कर दिया है। इसके बदले वे अपना वैकल्पिक इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज बाइडन प्रशासन को सौंपने वाले हैं। खबरों के मुताबिक पहले रिपब्लिकन नेताओं ने कहा था कि ये प्लान 568 अरब डॉलर का होना चाहिए। लेकिन बाद उन्होंने इसे बढ़ा कर 800 अरब डॉलर तक करने पर सहमति दी। इससे ज्यादा की योजना को मानने के लिए वे तैयार नहीं हैं, क्योंकि टैक्स ना बढ़ाने की स्थिति में उससे राजकोषीय घाटा बढ़ेगा।
इस बीच वेबसाइट पॉलिटिको.कॉम ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव के खिलाफ कॉरपोरेट घरानों ने जबरदस्त लॉबिंग मुहिम छेड़ दी है। वाशिंगटन, न्यूयॉर्क और देश के दूसरी जगहों पर स्थित कॉरपोरेट लॉबिस्ट्स और अधिकारियों ने वेबसाइट पॉलिटिको से बातचीत में भरोसा जताया कि टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव को नाकाम करने में वे सफल हो जाएंगे। लॉबिस्ट्स का आकलन यह है कि डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रोग्रेसिव धड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज को मंजूरी दिलवाना चाहता है। टैक्स बढ़वाना उसकी प्राथमिकता नहीं है। अगर अभी बाइडन प्रशासन राजकोषीय घाटा बढ़ाते हुए पैकेज पारित कराती है, तो प्रोग्रेसिव उससे अभी संतुष्ट हो जाएंगे। टैक्स बढ़ाने का मुद्दा वे बाद के चुनावों में उठाएंगे।
यूएस चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के चीफ पॉलिसी ऑफिसर नील ब्रैडली ने कहा है कि कांग्रेस (संसद) के दोनों सदनों में कारोबार समर्थक और मध्यमार्गी सदस्यों की संख्या ज्यादा है। वे इस बात को समझते हैं कि टैक्स बढ़ाने से लाखों छोटे कारोबारियों पर विपरीत असर पड़ेगा और उससे निवेश का माहौल खराब होगा। वेबसाइट पॉलिटिको के मुताबिक कॉरपोरेट अधिकारी आश्वस्त हैं कि राष्ट्रपति बाइडन या तो इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर खर्च करने का अपना वादा तोड़ देंगे या फिर वे ऐसा राजकोषीय घाटा बढ़ाने की कीमत पर करेंगे। लॉबिस्ट्स ने कहा है कि उन्होंने कांग्रेस के दोनों सदनों के उदारवादी रुख वाले डेमोक्रेटिक सांसदों से बातचीत की है। उनमें से ज्यादातर ने संकेत दिया है कि वे टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध करेंगे।