भारत के साथ तनाव के बाद से चीन को चारों तरफ से झटके लग रहे हैं। पहले अमेरिका ने ह्यूस्टन स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास को बंद किया, वहीं अब रूस ने एलान किया है कि उसने चीन को दी जाने वाली एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति पर तत्काल रोक लगा दी है।
एस-400 उन्नत प्रणाली वाला मिसाइल सिस्टम है, जिसमें सतह से हवा में मार करने की क्षमता है। रूस ने डिलीवरी पर रोक लगाते हुए कहा है कि भविष्य में एस-400 की डिलीवरी को लेकर तिथि निर्धारित की जाएगी।
चीनी अखबार सोहू के हवाले से रूसी मीडिया एजेंसी यूएवायर ने रिपोर्ट दी, इस बार रूस ने घोषणा की है कि वह एस-400 मिसाइल सिस्टम को चीन को सौंपने पर रोक लगा रहा है।
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सोहू अखबार में कहा गया है, उनका (रूस) कहना है कि इन हथियारों को पहुंचाने का काम काफी जटिल है, क्योंकि चीन को प्रशिक्षण के लिए सैन्य कर्मी और तकनीकी स्टाफ भेजना पड़ता। वहीं रूस को भी हथियारों को सेवा में लाने के लिए बड़ी संख्या में अपने तकनीकी कर्मियों को बीजिंग भेजना होता, जो कि मौजूदा दौर में काफी मुश्किल काम है।
रूस द्वारा मिसाइलों की आपूर्ति निलंबित किए जाने के बाद चीन का कहना है कि मॉस्को को यह कदम मजबूरी में उठाना पड़ा है, क्योंकि वह नहीं चाहता है कि कोरोना वायरस से निपटने में लगी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का ध्यान भटके।
एक सैन्य राजनयिक सूत्र ने रूस की न्यूज एजेंसी तास को बताया कि 2018 में चीन को एस-400 मिसाइल का पहला बैच मिला था। एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली को रूस में अपनी तरह की सबसे उन्नत प्रणाली माना जाता है, जो 400 किलोमीटर की दूरी और 30 किलोमीटर की ऊंचाई तक लक्ष्य को नष्ट करने में सक्षम है।