पिछले साल अफगान अधिकारियों के सामने इस्लामिक स्टेट (आईएस) की काली सूची में रखे गए जिस आतंकी समूह के 1400 से ज्यादा लड़ाकों ने आत्मसमर्पण किया था इनमें कुछ भरतीय नागरिक भी शामिल रहे हैं। यह बात संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में उजागर हुई है। हालांकि, जनवरी में जारी इस रिपोर्ट में भारत या अन्य देशों के आतंकवादियों की संख्या उजागर नहीं की गई है।
संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट बताती है कि आईएसआईएल-के खूंखार आईएस आतंकी संगठन की ही एक शाखा है जो अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान में भी सक्रिय है। रिपोर्ट के मुताबिक इस शाखा ने जमात-उल-अहरार, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और लश्कर-ए-इस्लाम समेत कई आतंकी गुटों के साथ संपर्क स्थापित किया है।