प्रधानमंत्री इमरान खान शनिवार को अपनी पहली अमेरिका यात्रा पर रवाना हो गए जहां वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत करके उन द्विपक्षीय संबंधों को ‘तरोताजा’ करेंगे जो अमेरिका द्वारा इस्लामाबाद की सार्वजनिक आलोचना, सैन्य मदद को रद्द करने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में और अधिक सहयोग की मांग को लेकर खासे प्रभावित हुये हैं। प्रधानमंत्री खान का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जबकि यह माना जा रहा है कि अमेरिका और अफगान तालिबान के मध्य बातचीत एक निर्णायक दौर में पहुंच गई है।
ट्रंप के कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि पाकिस्तान ने हमें झूठ और छल के अलावा कुछ भी नहीं दिया है और आतंकवादियों के समर्थन के चलते उसकी सहायता को भी टाल दिया है।
प्रधानमंत्री खान, ट्रंप के निमंत्रण पर अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। उनके साथ सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद भी होंगे। वह ट्रंप के साथ विस्तृत वार्ता के लिए सोमवार को व्हाइट हाउस का दौरा करेंगे और 23 जुलाई को लौटने से पहले स्पीकर नैंसी पेलोसी से भी मुलाकात करेंगे।