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पाकिस्तान में आर्थिक संकट: पीएम इमरान खान आज देश को करेंगे संबोधित, महंगाई पर दे सकते हैं बयान

Mon, 28 Feb 2022 03:07 PM IST
संजीव कुमार झा एएनआई, इस्लामाबाद

सार

विश्लेषकों के अनुसार, 2014 के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक होने के बाद एक बार फिर से पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत 8 से 12 रुपये तक बढ़ सकती है।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान आज रूस-यूक्रेन संघर्ष के चलते देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर राष्ट्र को संबोधित करेंगे। समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में एक और आसन्न पेट्रोल वृद्धि की खबर के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है। विश्लेषकों के अनुसार, 2014 के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक होने के बाद एक बार फिर से पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत 8 से 12 रुपये तक बढ़ सकती है। इस महीने की शुरुआत में, इमरान खान सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में 12.03 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी करके जनता पर पेट्रोल बम गिराया था। पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत अब 159.86 रुपये(पाकिस्तानी रुपये) प्रति लीटर है।

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स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने जारी किया डाटा
बीते गुरुवार को स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने डाटा जारी करते हुए दिखाया कि पाकिस्तान का चालू खाता घाटा (सीएडी) जनवरी 2022 के महीने में 2.56 बिलियन अमरीकी डालर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। इसी समय, चालू वित्त वर्ष (2021-22) की पहली छमाही के दौरान विदेशी ऋण में 20 फीसदी की वृद्धि के साथ दिसंबर 2021 में पाकिस्तान का कर्ज और देनदारियां 51.724 ट्रिलियन रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गईं।

यूक्रेन संकट का असर पाकिस्तान की मुद्रा पर
वहीं जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, विशेष रूप से, यूक्रेन संकट का असर पाकिस्तान की मुद्रा पर भी पड़ने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि एक बड़ा चालू खाता घाटा, ऊर्जा, तेल की कीमतों में वृद्धि और वित्तीय बाजारों में अस्थिरता अगले सप्ताह पाकिस्तानी रुपये पर दबाव डाल सकती है। इस बीच, इमरान खान सरकार को तेल की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ-साथ ऋण और खैरात पर निर्भरता को लेकर विपक्ष और जनता दोनों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

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