विपक्ष ने खान को लिया आड़े हाथ
इमरान ने बेशक खुद अपनी तारीफ की है लेकिन इससे वहां के विपक्षी नेता खुश नहीं हैं। विपक्षी पार्टियों ने खान और उनकी पार्टी की आलोचना की है क्योंकि वह पाकिस्तान की जनता द्वारा जिन वास्तविक मुद्दों का सामना किया जा रहा उन्हें संबोधित करने में असफल रहे। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल पार्टी के अध्यक्ष मौलाना फजलूर रहमान ने कहा, 'खान के यूएनजीए में दिए भाषण में कीमतें बढ़ने और ढहती अर्थव्यवस्था को लेकर कुछ नहीं बोला। एक आम पाकिस्तानी की चिंता यह है कि वह मौजूदा सरकार की विफल नीतियों के तहत अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे करे।'
मुस्लिमों को लेकर दिया था भड़काऊ बयान
यूएनजीए में इमरान ने कश्मीर को इस्लाम से जोड़ते हुए कहा था कि वहां जो हो रहा है, वह मुस्लिमों को हथियार उठाने के लिए उकसाने वाला है। भारत के 18 करोड़ मुस्लिम कश्मीर के चलते कट्टरता की ओर बढ़ेंगे। दुनिया के 1.3 अरब मुस्लिम भी देख रहे हैं। अगर किसी समुदाय के लोगों को ऐसे बंधक बनाकर रखा जाएगा तो बाकी लोगों पर क्या असर होगा। वे हथियार उठाएंगे और ऐसा इस्लाम की वजह से नहीं, बल्कि मुस्लिमों पर अन्याय के कारण होगा।