भारत में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन का प्रस्ताव जब से आया है तब से पड़ोसी देश पाकिस्तान में खलबली मच गई है। सोमवार को जहां पाकिस्तान ने विधेयक का विरोध करते हुए भारत पर संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। वहीं अब उसकी संसद में इस मसले को लेकर हंगामा हुआ।
दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को कश्मीर मसले को लेकर संसद का संयुक्त सत्र बुलाया हुआ था जिसमें उन्हें घाटी को लेकर बातचीत करनी थी लेकिन वह संसद से अनुपस्थित रहे। जिसका विपक्ष ने विरोध किया। सदन की कार्रवाही शुरू होने से पहले ही रुक गई क्योंकि अध्यक्ष उठकर चले गए।
बहरहाल, इमरान खान संसद पहुंचे और इस मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि हम कश्मीर मामले को संयुक्त राष्ट्र में ले जाएंगे और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को बताएंगे कि भारत में अल्पसंख्यकों पर भाजपा की रेसिस्ट विचारधारा किस तरह थोपी जा रही है।
विदेश मंत्रालय का बयान
केंद्र सरकार के कदम से बौखलाए पाकिस्तान ने सोमवार को कहा था कि किसी भी एकतरफा कदम से राज्य के विवादित स्थिति में परिवर्तन नहीं आएगा। विदेश मंत्रालय के एक बयान में, पाकिस्तान ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूनएनएससी) के प्रस्तावों में जम्मू और कश्मीर को विवादास्पद माना गया था और भारत द्वारा एकतरफा निर्णय 'जम्मू और कश्मीर और पाकिस्तान के लोगों के लिए स्वीकार्य नहीं होगा।'
बयान में कहा गया था, 'इस अंतरराष्ट्रीय विवाद में एक पक्ष होने की वजह से, पाकिस्तान इन अवैध कदमों का मुकाबला करने के लिए सभी संभावित विकल्पों का इस्तेमाल करेगा।' बयान में आगे कहा गया था, 'पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे और अधिकृत जम्मू और कश्मीर के लोगों को उसके राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन के प्रति और उसके आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए अपनी प्रतिबद्धता को फिर से पुष्टि करता है।' पड़ोसी देश ने भारत के कदम पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को संसद का संयुक्त सत्र आयोजित करने का फैसला किया था।