पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लेकर बिगड़ते हालातों में चीन की चिंता आग में घी डालने का काम कर रही है। चीन पाकिस्तान से अपना निवेश घटाने में जुट गया है। चीन के अलावा अमेरिकी कंपनियों ने भी पाकिस्तान में अपना निवेश बेहद कम कर दिया है। इससे पाकिस्तान बुरी तरह परेशान है।
आज तक चीन को पाकिस्तान का सदाबहार दोस्त माना जाता रहा है लेकिन विश्व बैंक की मदद मिलने से पहले तक पाक अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करने वाला चीन अब निवेश से पीछे हट रहा है।
पाक अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक चीन ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के छह माह में पाक में अपना निवेश घटाकर 49.6 करोड़ डॉलर तक सीमित कर दिया है। जबकि एक साल पहले इसी समान अवधि में पाकिस्तान के भीतर चीन ने 1.8 अरब डॉलर का निवेश किया था। इसका एक बड़ा कारण माना जा रहा है कि पाक में निवेश को लेकर चीनी निवेशक चिंतित हैं।
2018-19 से पहले के ग्यारह महीनों में पाक में आने वाला प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में भी 49 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट को अमेरिकी कंपनियों का भी साथ मिला है। पाकिस्तान में अमेरिकी कंपनियों का निवेश भी घटकर 8.4 करोड़ डॉलर तक रह गया है। जबकि एक साल पहले इसी दौरान अमेरिका ने यहां 14.70 करोड़ डॉलर का निवेश किया था।