पीटीआई के वकील और केंद्रीय सूचना सचिव मोहम्मद मुअज्जम बट ने सोमवार को कहा कि पार्टी ने उच्च न्यायालय में जाने का फैसला किया है और 26 दिसंबर को एक रिट याचिका दाखिल करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व मामला दर्ज करेगा। उन्होंने दावा किया कि ईसीपी का फैसला कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण है। आयोग अपने आदेश में न्याय करने में विफल रहा है।
चुनाव आयोग ने एक महीने के भीतर दूसरी बार पीटीआई के आंतरिक चुनाव को अमान्य घोषित किया है। इन चुनाव में गौहर अली खान को पार्टी का नया अध्यक्ष चुना गया था। इस फैसले के साथ ही इमरान खान ने पार्टी के अध्यक्ष के रूप में अपना पद खो दिया। गौहर खान को इमरान खान का करीबी माना जाता है। इमरान खान क्रिकेट बैट के समानार्थक भी हैं, क्योंकि वह पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं। वह अभी रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं और कई मामलों का सामना कर रहे हैं। ईसीपी ने पार्टी को अगले साल आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव लड़ने के लिए चुनाव चिह्न हासिल करने के अयोग्य घोषित कर दिया है।
चुनाव आयोग ने अपने 11 पन्नों के आदेश में कहा था, 'यह पाया गया है कि पीटीआई ने 23 नवंबर के आदेश में दिए गए हमारे निर्देशों का पालन नहीं किया और मौजूदा संविधान, 2019 और चुनाव अधिनियम, 2017 और चुनाव नियम, 2017 का पालन करते हुए पार्टी के भीतर चुनाव कराने में विफल रही।' पीटीआई ने इस फैसले को 'लंदन प्लान' का हिस्सा और पार्टी को चुनाव में भाग लेने से रोकने का घृणित और शर्मनाक प्रयास बताया था। उसने यह भी दावा किया था कि पार्टी अब भी आम चुनाव जीतेगी और वह इस फैसले के खिलाफ हर मंच पर अपील करेगी। पार्टी ने जोर देकर कहा कि चाहे जो हो जाए, उसके उम्मीदवार क्रिकेट बैट के चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ेंगे।
मोहम्मद मुअज्जम बट ने सोमवार को दावा किया कि पीटीआई के आंतरिक चुनाव के खिलाफ ईसीपी में याचिकाएं दुर्भावनापूर्ण इरादे और कुछ लोगों के आदेश पर दायर की गई हैं। उन्होंने कहा, 'हमें समान अवसर मुहैया नहीं कराए जा रहे हैं और हमें चुनाव से दूर रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।' इस बीच, विशेषज्ञों ने चुनाव आयोग और पूर्व सत्तारूढ़ पार्टी दोनों की उनके विरोधाभासी व्यवहार के लिए आलोचना की है।