इमरान खान ने सोमवार को खुलासा किया कि पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई ने ओसामा के बारे में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए से सूचनाएं साझा की थीं, जिससे उसे ढूंढकर मारने में आसानी हुई। 2011 में ओसामा के मारे जाने तक पाकिस्तानी नेतृत्व उनके देश में कुख्यात आतंकवादी के छिपे होने की जानकारी से इनकार करता रहा था। खान ने यह बात टीवी चैनल फॉक्स न्यूज को साक्षात्कार में पाकिस्तानी सर्जन शकील अफरीदी को रिहा करने के सवाल के जवाब में कही। अफरीदी ने ऐबटाबाद में ओसामा को ढूंढने में सीआईए की सहायता की थी। ट्रंप सर्जन की रिहाई चाहते हैं लेकिन खान ने इस पर कोई वादा नहीं किया।
खान ने कहा, हम अफगानिस्तान में शांति चाहते हैं और तालिबान को वार्ता टेबल पर लाने की हरसंभव कोशिश करेंगे। अगर अफगानिस्तान में शांति स्थापित नहीं की गई तो आईएस का खतरा गहरा सकता है। खान ने साक्षात्कार में ट्रंप के सीधे और दो टूक बोलने के अंदाज की प्रशंसा भी की।
कश्मीर पर डायलॉग का राग
इमरान ने ट्रंप से बातचीत में कश्मीर विवाद को भारत से बातचीत और कूटनीतिक कदमों से सुलझाने की बात कही। इस दौरान उन्होंने शांतिपूर्ण पड़ोस पाकिस्तानी विदेशी नीति की प्राथमिकता बताया।