पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के ऊपर हुए जानलेवा हमले के बाद पाकिस्तान में तरह तरह की राजनीतिक बयानबाजी और लोगों में गुस्सा चरम पर है। इमरान खान की पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि जिस तरीके से पूर्व प्रधानमंत्री के ऊपर हमला हुआ है वह न सिर्फ सोची समझी साजिश है बल्कि देश के अलावा विदेशी ताकतों की भी साजिश दिख रही है। वहीं पाकिस्तान के जानकारों का कहना है कि इमरान खान के ऊपर हुए हमले के बाद चुनावी नजरिए से उनकी पार्टी की मजबूती देखी जा रही है। पाकिस्तान के सियासी जानकारों का कहना है कि डॉक्टरी रिपोर्ट के बाद इमरान खान बहुत जल्द ही फिर से लॉन्ग मार्च के माध्यम से सहानुभूति की आड़ में बड़ा दांव चलने वाले हैं।
इमरान खान की पार्टी से जुड़े नेताओं ने अमर उजाला डॉट कॉम को बताया कि उनकी पार्टी लगातार इस बात को लेकर पूरे देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रही है कि उनके नेता की हत्या करने की साजिश रची गई थी। पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से पंजाब के वरिष्ठ मंत्री ने एक वीडियो अपील के माध्यम से इस पूरे घटनाक्रम और हमले के पीछे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को साजिशकर्ता बताया है। पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार एसएन सिद्दीकी कहते हैं कि इमरान खान की पार्टी से जुड़े कई नेता तो यह तक कह रहे हैं कि इसमें विदेशी ताकतों का भी हाथ हो सकता है। दरअसल पाकिस्तान में इमरान खान लगातार विदेशी ताकतों के दखल को लेकर विरोध करते रहते थे।
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार एसएन सिद्दीकी कहते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने जिस तरीके से अपने ऊपर होने वाले हमने के पूर्वाभास का जिक्र किया है उससे पाकिस्तान की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। वह कहते हैं कि पूरे देश में इस वक्त इमरान खान के समर्थक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक इमरान खान की हालत अब बेहतर है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इमरान खान जल्द ही अपने लॉन्ग मार्च को दोबारा शुरू करेंगे। वरिष्ठ पत्रकार सिद्दीकी कहते हैं कि आमिर खान के द्वारा शुरू होने वाले मार्च में इस बार बहुत कुछ बदला हुआ नजर आने वाला है। पाकिस्तान के सियासी जानकार बताते हैं कि राजनीतिक नजरिया से इमरान खान का दोबारा शुरू होने वाला मार्च आने वाले चुनावों के नजरिए से बहुत कुछ संदेश देता हुआ होगा।
पाकिस्तान की सेना से जुड़े एक पूर्व अधिकारी ने अमर उजाला डॉट कॉम को बताया कि को बताया कि इमरान खान और उनके समर्थक लगातार सेना और आईएसआई पर सवाल तो उठाते रहते हैं लेकिन इस बार मामला उल्टा होने जा रहा है। उनका कहना है कि जब से इमरान खान के ऊपर हमला हुआ है उसके बाद से पूरे पाकिस्तान में सबसे ज्यादा विरोध सेना को ले करके देखा जा रहा है। वह कहते हैं कि इमरान खान की राजनीतिक पारी के नजरिए से या विरोध उनको राजनीतिक लाभ पहुंचाने वाला है। पाकिस्तान के ज्यादातर प्रांतों में इमरान खान की पार्टी की सरकार है। यही वजह है कि अधिकांश प्रांतों में विरोध प्रदर्शन भी ज्यादा हो रहा है।