पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की आतंकवाद के आरोप में बुधवार को जेआईटी के सामने पेशी हुई। अदालत ने पिछले हफ्ते मामले में उनकी जमानत 20 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी थी और जांच के लिए जेआईटी के सामने पेश होने को कहा था।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान बुधवार को इस्लामाबाद पुलिस के एक संयुक्त जांच दल (जेआईटी) के समक्ष पेश हुए। इससे पहले आतंकवाद निरोधी अदालत (एटीसी) ने उन्हें अदालत के सामने पेश होने के लिए तीन नोटिस दी थीं। इसके बावजूद उनके इनकार करने के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख जेआईटी के समक्ष पेश हुए।
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उनके खिलाफ पुलिस, न्यायपालिका और अन्य संस्थानों को धमकी देने के आरोप में आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायधीश जेबा चौधरी और इस्लामाबाद पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ टिप्पणी के लिए खान पर आतंकवाद विरोधी अधिनियम की धारा 7 के तहत आरोप लगाया गया था।
दरअसल, इमरान खान ने 20 अगस्त को रैली के दौरान अपनी सहयोगी शहबाज गिल के साथ हुए व्यवहार को लेकर शीर्ष पुलिस अधिकारियों, निर्वाचन आयोग और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं उन्होंने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी पर भी आपत्ति जताई थी। जेबा चौधरी ने ही पुलिस के अनुरोध पर गिल की दो दिन की हिरासत को मंजूरी दी थी। इमरान की धमकी के कुछ घंटे बाद ही इसे लेकर इस्लामाबाद के मजिस्ट्रेट अली जावेद ने शिकायत दर्ज कराई थी।
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इस मामले में सुनवाई के दौरान अदालत ने पिछले हफ्ते मामले में उनकी जमानत 20 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी थी और जांच के लिए जेआईटी के सामने पेश होने को कहा था। अदालत के निर्देश के बाद इमरान जेआईटी के सामने पेश हुए थे।
जेआईटी के सामने पेश होने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि यह पूरी दुनिया के सामने एक मजाक है। क्योंकि हर कोई मुझे जानता है, दुनिया भर में सुर्खियां बनी हैं कि इमरान खान के खिलाफ आतंकवाद के आरोप में एक प्राथमिकी (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज की गई है। इस दौरान उन्होंने सरकार पर मीडिया के साथ-साथ उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्रताडित करने का आरोप लगाया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि वे एक बार फिर सरकार के खिलाफ विरोध शुरू करेंगे। उनका अगला कदम सरकार के लिए असहनीय होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह एक साजिश के जरिए थोपी गई आयातित सरकार थी।