पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने आर्थिक संकट से जूझ रहे देश में चीनी कंपनियों को अपने क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की अनुमति दे दी है। इमरान का यह फैसला स्थानीय और छोटे व्यवसायों के लिए झटका साबित होगा। अपनी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और स्थानीय लोगों के लिए नौकरियों के अवसर बढ़ाने की बजाय इस फैसले को चीन से सैन्य समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
पीएम इमरान के फैसले से स्थानीय और छोटे व्यवसाय होंगे प्रभावित
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, ऊर्जा, कृषि, वित्तीय और संचार क्षेत्र की 10 प्रमुख चीनी कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान इमरान ने यह फैसला लिया। इमरान ने कहा कि चीनी कंपनियों को पाकिस्तान में अपने क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने चाहिए। इमरान ने चीनी निवेशकों को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार कंपनियों को हर संभव सुविधा प्रदान करेगी। बैठक में पाकिस्तान में चीन के राजदूत याओ जिंग, पाकिस्तान के संचार मंत्री मुराद सईद, उद्योग मंत्री हम्माद अजहर, योजना मंत्री असद उमर, वित्तीय सलाहकार डॉ. अब्दुल हफीज शेख भी शामिल थे।