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विरोध-प्रदर्शनों से बौखलाई इमरान सरकार, विपक्ष की शांतिपूर्ण रैलियों को कुचलने के लिए पाक सेना भी मैदान में उतरी

Fri, 16 Oct 2020 01:36 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, इस्लामाबाद।
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Imran khan and Maulana Fazal-ur-Rehman - फोटो : social media
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पाकिस्तान में शुक्रवार से शुरू होने वाले सरकार विरोधी आंदोलन के लिए पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की सभी पार्टियां तैयार हैं। 16 अक्तूबर को पहली रैली पंजाब में होगी जिसमें पाक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन होंगे। लेकिन इससे पहले ही लाहौर और पंजाब के कई क्षेत्रों में सरकार ने 450 से ज्यादा लोगों पर मुकदमे दर्ज कर दिए।

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वहीं, पाक सेना इस आंदोलन को कुचलने की कोशिश में जुटी है। पाकिस्तानी सेना और इमरान सरकार देश भर में विपक्ष द्वारा एकजुट होकर चलाए जा रहे इन शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को रोकना चाहती है। ये विरोध प्रदर्शन पंजाब, कराची, सिंध, पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान में चल रहे हैं। शुक्रवार को गुजरांवाला में सरकार विरोधी प्रदर्शन होना है। लेकिन इसके एक दिन पहले ही पंजाब में पीएमएल-एन के नेताओं और पीडीएम कार्यकर्ताओं को छापेमारी में गिरफ्तार किया जा रहा है।


मंडी बाहुद्दीन, लाहौर और गुजरांवाला के पुलिस थानों ने कोविड-19 प्रोटोकोल के उल्लंघन को लेकर पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 269 और 188 के तहत सैकड़ों विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री और पीडीएम नेता शाहिद खाकान अब्बासी ने कहा कि विपक्ष की पहली सार्वजनिक रैली ने इमरान सरकार की घबराहट और उसकी वास्तविकता को उजागर कर दिया है।
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अक्तूबर से दिसंबर तक होंगी रैलियां
इससे पहले 20 सितंबर को पाकिस्तान के 11 प्रमुख विपक्षी दलों ने पीडीएम का गठन कर देशव्यापी बैठकें, विरोध प्रदर्शन और रैलियां आयोजित करने का एलान किया था। पहली रैली गुजरांवाला में 16 अक्तूबर को और उसके बाद 18 को कराची में 25 को क्वेटा में सरकार विरोधी प्रदर्शन होंगे। पेशावर में 22 नवंबर को, मुल्तान में 30 नवंबर को और फिर 13 दिसंबर को लाहौर में रैलियां होनी हैं। 

नुक्कड़ सभाएं बाधित, कई गिरफ्तार
सरकार विरोधी प्रदर्शन को लेकर इमरान सरकार और पाक सेना किस कदर बौखलाई हुई है इसका नजारा 16 अक्तूबर को लाहौर से कुछ किलोमीटर दूर गुजरांवाला में होने वाली रैली से ठीक एक दिन पहले हुई कार्रवाई को देखकर लगाया जा सकता है। लाहौर में नुक्कड़ बैठकों को बाधित किया गया और कई को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि कई जगह ऐसी धाराएं लगाई गईं कि ज्यादा लोग एकत्रित नहीं हो सकें।

बाजवा ने लिखा, सुरक्षा प्रबंध बढ़ाएं
पाकिस्तान सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षाबलों की तैनाती की जरूरत पर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद असीम मुनीर अहमद शाह को पत्र भी लिखा। बाजवा ने लिखा कि 15 अक्तूबर से ही जरूरी सुरक्षा प्रबंध किए जाएं, ताकि हालात न बिगड़ सकें।

पाक सेना के इमरान के साथ धांधली के आरोप
मुख्य विपक्षी पीएमएल-एन, पीपीपी और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल पार्टियों द्वारा संयुक्त रूप से बनाए गए पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) ने पाक सेना पर इमरान की पार्टी (पीटीआई) को सत्ता में लाने के लिए 2018 के चुनावों में धांधली का आरोप लगाया है। इस नए गठबंधन को पूर्व पीएम नवाज शरीफ, बिलावल भुट्टो जरदारी और मौलाना फजलुर्रहमान का संरक्षण मिला हुआ है। 

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