पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट करते हुए भारत की लोकसभा से पास हुए नागरिकता संशोधन विधेयक, 2019 का विरोध किया है। इससे पहले पाकिस्तान संसद द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाए जाने पर अपनी भड़ास निकाल चुका है। अब उसने भारत सरकार के एक और फैसले का विरोध किया है। खान ने ट्वीट करते हुए मोदी सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह विधेयक दोनों देशों के बीच हुए समझौते का खिलाफ है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा, 'मैं कड़े शब्दों में भारतीय लोकसभा के नागरिकता संशोधन विधेयक की निंदा करता हूं। यह न केवल अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का बल्कि पाकिस्तान के साथ हुए द्वीपक्षीय समझौते का भी उल्लंघन करता है। यह आरएसएस के हिंदू राष्ट्र की योजना का हिस्सा है जिसपर मोदी सरकार काम कर रही है।'
बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए इस विधेयक का विरोध किया था। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा था कि यह विधेयक दोनों देशों की बीच हुए सभी समझौतों का पूरी तरह से उल्लंघन करती है। यह खासतौर से अल्पसंख्यकों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए चिंताजनक है।
लोकसभा ने सोमवार को जो विधेयक पास किया है उसके तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, बौद्ध, जैन, पारसी, सिख, ईसाई शरणार्थियों को अब भारत की नागरिकता मिलने में आसानी होगी। शाह का कहना है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान इस्लामिक देश हैं इसलिए वहां पर मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं हैं। यह विधेयक लाखों करोड़ों शरणार्थियों को यातना से मुक्ति दिलाने का काम करेगा।