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निवेशक चिंतित: पश्चिम एशिया युद्ध का असर अमेरिकी शेयर बाजार पर, डाउ जोंस से नैस्डैक तक; कितना कमजोर हुआ बाजार?

Fri, 06 Mar 2026 03:03 AM IST
Shubham Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

पश्चिम एशिया में संघर्ष की आग और तेल की भयंकर बढ़ोतरी ने गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार को झकझोर दिया। डाउ जोंस 1,046 पॉइंट लुढ़का, S&P 500 और नैस्डैक भी कमजोर हुए। ब्रेंट क्रूड 7,821 रुपये और अमेरिकी क्रूड 7,403 रुपये प्रति बैरल तक पहुंचा। ईरान के हमलों और तेल आपूर्ति पर संकट ने निवेशकों और आम लोगों की जेब दोनों पर दबाव बढ़ा दिया है।

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अमेरिकी शेयर बाजार की गिरावट। - फोटो : adobe stock
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में संघर्ष की आग और तेल की कीमतों में भयंकर उछाल ने गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार को हिला कर रख दिया। जहां डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 1046 पॉइंट यानी 2.1% टूट गया, S&P 500 1.3% नीचे आया और नैस्डैक कंपोजिट 1.1% कमजोर हुआ। इसका बड़ा कारण रहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत 4.7% बढ़कर 7,821 रुपये प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि अमेरिकी क्रूड 8.1% उछलकर 7,403 रुपये हो गयए। बता दें कि अमेरिकी क्रूड 7,342 रुपये के ऊपर अगस्त 2024 के बाद पहली बार गया है।

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बता दें कि तेल की इस तेजी का सीधा कारण ईरान की तरफ से इस्राइल, अमेरिकी सैन्य अड्डों और क्षेत्रीय देशों पर नई हमले की लहर है। इसके चलते निवेशक डर रहे हैं कि इस युद्ध के कारण तेल और गैस के उत्पादन और परिवहन में लंबी अवधि तक व्यवधान रह सकता है।

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आम आदमी की जेब पर असर डाल रही ईंधन की बढ़ती कीमतें

गौर करने वाली बात यह है कि अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत अब 298 रुपया प्रति गैलन पहुंच गई है, जो पिछले हफ्ते 273 रुपये थी। बढ़ती ईंधन कीमतें सीधे तौर पर लोगों की खर्च करने की क्षमता को प्रभावित कर रही हैं, जिससे रिटेल और अन्य उपभोक्ता सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है।

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शेयर बाजार में सबसे ज्यादा नुकसान

अच्छा इस संघर्ष का सबसे ज्यादा असर शेयर बाजार पर भी पड़ता दिख रहा है। उदाहरण के तौर पर रिटेल सेक्टर में उच्च पेट्रोल कीमतों के चलते लोग अन्य चीजों पर कम खर्च कर रहे हैं। मेरिकन ईगल आउटफिटर्स के शेयर 14.8% गिर गए, बावजूद इसके कि कंपनी ने अपेक्षा से बेहतर मुनाफा और राजस्व रिपोर्ट किया। इसके साथ ही महंगे ईंधन और पश्चिम एशिया में फंसे यात्रियों के कारण एयरलाइंस के शेयर भारी नुकसान में रहे।

  • अमेरिकन एयरलाइंस – 6.6% की गिरावट

  • यूनाइटेड एयरलाइंस – 6.8% की गिरावट

  • डेल्टा एयर लाइन्स – 5.3% की गिरावट

कुछ राहत के संकेत भी

हालांकि तकनीकी क्षेत्र की ब्रॉडकॉम ने अच्छे नतीजे पेश किए और एआई चिप्स की बिक्री में 74% की वृद्धि का दावा किया। इसके चलते कंपनी के शेयर 3.6% बढ़े। यह शेयर बाजार में स्थिरता का एक सकारात्मक संकेत बना।


बॉन्ड मार्केट और ब्याज दरों पर असर

तेल की बढ़ती कीमतों के चलते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स भी ऊपर गए। 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.13% तक पहुंच गई। इससे संकेत मिलता है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें ज्यादा समय तक ऊंची रख सकता है, जिससे कर्ज महंगा होगा और अर्थव्यवस्था की गति धीमी हो सकती है। हालांकि फेडरल रिजर्व ने पहले संकेत दिया था कि वह इस साल ब्याज दरों में कटौती करेगा, लेकिन युद्ध और तेल की कीमतों की बढ़त के कारण अब यह समय आगे बढ़ गया है।


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अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मिली-जुली तस्वीर

कुछ रिपोर्ट्स सकारात्मक हैं। उदाहरण के लिए, इस हफ्ते बेरोजगारी लाभ के लिए कम लोगों ने आवेदन किया, जो नौकरी बाजार के लिए अच्छी खबर है।


अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजार का रुख

एशिया: दक्षिण कोरिया का कोस्पी 9.6% बढ़ा, जिससे बुधवार की रिकॉर्ड गिरावट का हिस्सा वापस आया।

यूरोप: तेल की कीमतों में तेजी के कारण यूरोपीय बाजार कमजोर रहे।

फ्रांस का CAC 40: -1.5%

जर्मनी का DAX: -1.6%

निवेशकों को सलाह, क्या कहते हैं विशेषज्ञय़

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दूसरी ओर बाजार में इस प्रकार की उथल पुथल को देखते हुए वेल्स फार्गो निवेश संस्थान के वरिष्ठ रणनीतिकार स्कॉट व्रेन का कहना है कि युद्ध के बढ़ने का खतरा हमेशा है, लेकिन बाजार की प्रतिक्रिया आम तौर पर अस्थायी होती है। निवेशकों को धैर्य बनाए रखना चाहिए और होस्टिलिटीज (शत्रुता) के समाप्त होने तक इंतजार करना चाहिए। लेकिन अगर तेल की कीमत $100 प्रति बैरल तक बढ़ती है और लंबे समय तक रहती है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को संभालना मुश्किल हो जाएगा। इस स्थिति में निवेशक और आम लोग दोनों आर्थिक दबाव महसूस करेंगे।

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