अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत की मौजूदा आर्थिक वृद्धि पर नाराजगी जताई है। आईएमएफ ने गुरुवार को वाशिंगटन में कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि उम्मीद से काफी कमजोर है।
आईएमएफ ने आर्थिक वृद्धि की कमजोरी के लिए कॉरपोरेट एवं पर्यावरणीय नियामक की अनिश्चितता एवं कुछ गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की कमजोरियों को जिम्मेदार ठहराया।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा कि इसके बावजूद भारत चीन से बहुत आगे और विश्व की सबसे तेजी से विकास करने वाली बड़ी अर्थव्यस्था बना रहेगा।
आईएमएफ प्रवक्ता गेरी राइस ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम नए आंकड़े पेश करेंगे लेकिन खासकर कॉरपोरेट एवं पर्यावरणीय नियामक की अनिश्चितता एवं कुछ गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की कमजोरियों के कारण भारत में हालिया आर्थिक वृद्धि उम्मीद से काफी कमजोर है।’