क्रिस्टोफर के मुताबिक, एक बार अगर आबादी गिरने लगे तो उसे रोकना नामुमकिन हो जाता है। इससे दुनिया में सत्ता के लिहाज से बड़े बदलाव देखे जाएंगे। जिन 23 देशों की जनसंख्या आधी होगी उनमें जापान, स्पेन, इटली, थाईलैंड, पुर्तगाल, दक्षिण कोरिया और पोलैंड शामिल हैं।
अगले 80 सालों में 73 करोड़ रह जाएगी चीन की आबादी
चीन की जनसंख्या 1.4 अरब है, लेकिन अगले अस्सी सालों में यह 73 करोड़ रह जाएगी। इसी दौरान अफ्रीकी देशों में जनसंख्या वृद्धि देखी जाएगी। उप सहारा अफ्रीका में आबादी तीन गुना बढ़ कर तीन अरब हो सकती है। नाइजीरिया की ही आबादी 80 करोड़ हो जाएगी।
2100 तक भारत की जनसंख्या दुनिया में सबसे ज्यादा होगी। हालांकि भारत की आबादी में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा। जबकि नाइजीरिया दूसरे स्थान पर होगा। अर्थव्यवस्था और सत्ता के लिहाज से भारत, अमेरिका, चीन और नाइजीरिया दुनिया के चार अहम देश होंगे। जीडीपी के लिहाज से भारत तीसरे पायदान पर होगा। जापान, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन दुनिया की दस महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्थाओं में बने रहेंगे।
पर्यावरण के लिए अच्छी खबर
शोधार्थियों ने कहा, पूर्वानुमान पर्यावरण के लिए अच्छी खबर हैं। खाद्य उत्पादन प्रणालियों पर दबाव कम होगा, कार्बन उत्सर्जन कम होगा और उप सहारा अफ्रीका के हिस्सों में अहम आर्थिक मौके पैदा होंगे।
यह भी पढ़ें: एक नया विश्व : 2048 में भारत की आबादी हो सकती है 1.6 अरब, फिर 2100 में घटेगी