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IEA Report: पश्चिम एशिया में जंग से तेल बाजार में अब तक की सबसे बड़ी आपूर्ति बाधा;18-19 मार्च को IMO की बैठक

Thu, 12 Mar 2026 10:13 PM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वर्जीनिया

सार

IEA Report: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव बढ़ गया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति अब तक की सबसे बड़ी बाधा आई है। आईईए ने बताया कि तेल टैंकरों पर ईरान के हमले और मार्ग बंद होने के कारण तेल की आपूर्ति कम हो गई है और 32 सदस्य देशों ने आपातकालीन भंडार से तेल का इस्तेमाल करने पर सहमति दी है। पढ़ें रिपोर्ट-
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ADOBE STOCK
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण वैश्विक तेल बाजार में अब तक की सबसे बड़ी आपूर्ति बाधा पैदा हो गई है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने गुरुवार को कहा कि ईरान की ओर से क्षेत्र में तेल टैंकरों पर हमले तेज किए गए हैं, जिससे यह स्थिति बनी है।
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युद्ध से पहले हर दिन करीब दो करोड़ बैरल तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता था। यह ईरान के दक्षिणी तट के पास स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग है। लेकिन अब यह आपूर्ति बहुत कम रह गई है। आईईए ने अपनी मासिक रिपोर्ट में कहा कि तेहरान की चेतावनी के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर हमले का खतरा बढ़ गया है। इसके जवाब में आईईए के 32 सदस्य देशों ने इस हफ्ते अपने रणनीतिक भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई है। यह अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक कदम है और रूस के यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने के हमले के बाद पहली बार ऐसा किया गया है।

आईएमओ की आपात बैठक क्यों बुलाई गई?
अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने गुरुवार को कहा कि वह पश्चिम एशिया में वैश्विक समुद्री परिवहन के लिए बढ़ते खतरे, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति पर चर्चा के लिए अगले सप्ताह एक विशेष बैठक करेगा।  यह बैठक 18 और 19 मार्च को लंदन स्थित आईएमओ मुख्यालय में होगी।
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किन देशों ने बुलाई आईएमओ की आपात बैठक?
संगठन के कुल 40 सदस्य देशों में से छह देशों (ब्रिटेन, मिस्र, फ्रांस, मोरक्को, क़तर और संयुक्त अरब अमीरात)  ने आपातकालीन बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। यह आपात बैठक ऐसे समय में हो रही है ,जब यह आशंका बढ़ रही है कि क्षेत्र में जारी तनाव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है और कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।

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होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव क्यों बढ़ा?
होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव काफी बढ़ गया है। यह संकरा समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का कच्चा तेल गुजरता है। ईरान की ओर से जहाजों और खाड़ी के पड़ोसी देशों पर जवाबी हमले के बाद यह मार्ग लगभग बंद हो गया है। गुरुवार को क्षेत्र में हिंसा जारी रही। इराक के तट के पास दो तेल टैंकरों पर हमला हुआ, जिसमें कम से कम एक चालक दल के सदस्य की मौत हो गई। एक अलग घटना में एक मालवाहक जहाज पर छर्रे लगने के बाद उसमें आग लग गई।
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मोजतबा खामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने को कहा
ये घटनाएं ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के उस आदेश के बाद हुई हैं, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने को कहा था। वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेल की कीमतों से ज्यादा जरूरी ईरान के 'दुष्ट साम्राज्य' को रोकना है। इस बढ़ते संकट के कारण गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जबकि शेयर बाजारों में गिरावट जारी रही।

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