अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) की मुख्य अभियोजक ने कहा है कि वह फलस्तीनी क्षेत्रों में युद्ध के दौरान हुए अपराधों की पूर्ण जांच शुरू करना चाहती हैं। फलस्तीनियों ने आईसीसी के इस कदम को लंबे समय से लंबित कदम बताते हुए इसका स्वागत किया है।
गाजा में 2014 से चल रही स्थिति की अभियोजकों द्वारा पांच साल तक की गई प्रारंभिक जांच के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। आईसीसी की अभियोजक फातोउ बेनसोउदा ने शुक्रवार को एक बायन में कहा, ‘मैं इस बात से संतुष्ट हैं कि फलस्तीन में स्थिति की जांच आगे शुरू करने के लिए तार्किक आधार मौजूद हैं।’
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि पूर्वी येरूशलम और गाजा पट्टी सहित वेस्ट बैंक में युद्ध अपराध किए गए या किए जा रहे हैं।’ हालांकि उन्होंने कथित अपराधों को अंजाम देने वालों का कोई ब्योरा नहीं दिया।
बेनसोउदा ने कहा कि इस स्थिति से संबंधित अनोखी एवं बेहद विवादित कानूनी मुद्दों के कारण वह पूर्ण जांच शुरू करने से पहले, आईसीसी से उस क्षेत्र की जानकारी लेंगी जो अदालत के अधिकार क्षेत्र में आता है।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस फैसले ने आईसीसी को यहूदी राज्य के खिलाफ एक राजनीतिक हथियार के तौर पर स्थापित कर दिया है। इस्राइल 2002 में गठित इस अदालत का हिस्सा बनने से इनकार करता रहा है।