भारत, इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अमेरिका के नए समूह आइ2 यू2 के पहले शिखर सम्मेलन का आयोजन अगले महीने ऑनलाइन माध्यम से होगा। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। व्हाइट हाउस ने बताया कि अगले महीने राष्ट्रपति जो बाइडेन की पश्चिम एशिया के देशों की यात्रा के दौरान इन चार देशों का यह ऑनलाइन शिखर सम्मेलन 13-16 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा।
दुनियाभर में अमेरिकी गठबंधनों को फिर से सक्रिय एवं पुनर्जीवित करने की कोशिशों के तहत भारत, इस्राइल, यूएई और अमेरिका का नया समूह ‘आई2यू2’ अगले माह अपना पहला ऑनलाइन शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा। व्हाइट हाउस ने बताया कि ‘आई2यू2’ से तात्पर्य ‘इंडिया, इस्राइल, यूएस (अमेरिका) व यूएई’ है।
व्हाइट हाउस ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, इस्राइली पीएम नफ्ताली बेनेट और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान अगले महीने आयोजित होने वाले ऑनलाइन शिखर सम्मेलन ‘आई2यू2’ में हिस्सा लेंगे और खाद्य सुरक्षा संकट तथा सहयोग के अन्य क्षेत्रों पर चर्चा करेंगे।
यह ऑनलाइन सम्मेलन जो 13 से 16 जुलाई तक बाइडन की पश्चिम एशियाई देशों की यात्रा के दौरान आयोजित होगा। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, चारों देशों के प्रमुख इस बैठक को लेकर उत्सुक हैं और इसमें शामिल हर देश तकनीक का केंद्र है।
भारत में विशाल उपभोक्ता बाजार
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत में विशाल उपभोक्ता बाजार है। वह उच्च तकनीक एवं अत्यधिक मांग वाले सामानों का भी एक बड़ा उत्पादक है। इसलिए ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां ये देश एक साथ काम कर सकते हैं। ये सभी देश तकनीकी, व्यापार, जलवायु या कोविड-19 से निपटने अथवा सुरक्षा के क्षेत्र में मिलकर बेहतर काम कर सकते हैं।
यूएई-इस्राइल रिश्तों को गहरा करेंगे
नेड प्राइस ने कहा, अमेरिकी कोशिश न सिर्फ दुनिया में हमारी साझेदारी की प्रणाली को पुनर्जीवित व सक्रिय करना है बल्कि पहले साथ न रहने वाली साझेदारियों को भी साथ लाना है। इस संबंध में इस्राइल और यूएई प्रमुख हैं। हम इन दोनों देशों के रिश्ते और गहरे करने की कोशिश करेंगे। दोनों देशों का पुरानी प्रतिद्वंद्विता छोड़कर साथ आना स्वागत योग्य है।
क्वाड व ब्रिक्स के बाद भारत आई2यू2 में भी अहम देश
एक ओर चीन एशिया में प्रभुत्व बढ़ाने के लिए पड़ोसियों पर दबदबा बना रहा है, वहीं भारत भी रणनीतिक रूप से मजबूत हो रहा है। इसी के तहत क्वाड और ब्रिक्स के बाद भारत आई2यू2 में अहम देश बन गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत को क्वाड में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान का सहयोग प्राप्त है तो दूसरी तरफ ब्रिक्स में चीन, रूस और ब्राजील जैसे देशों के संगठन में भी अहम माना जा रहा है। अब आई2यू2 संगठन में पीएम नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ वर्चुअल समिट में शामिल होंगे।
बाइडन के रुख में बदलाव, अगले माह सऊदी अरब व इस्राइल का दौरा करेंगे
राष्ट्रपति जो बाइडन ने पुष्टि की है कि वे अपने नेताओं के साथ बातचीत के लिए अगले माह सऊदी अरब का दौरा करेंगे। 13 से 16 जुलाई के मध्य-पूर्व दौरे के अंत में वह इस्राइल और वेस्ट बैंक भी जाएंगे। सऊदी अरब सरकार को लेकर बाइडन के रुख में इसे नाटकीय बदलाव माना जा रहा है क्योंकि वह एक डेमोक्रेटिक नेता के रूप में सऊदी अरब को अलग-थलग रखना चाहते थे। वह सऊदी के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर अपने विरोधी रुख के बावजूद उससे दोबारा रिश्ते बनाना चाहते हैं क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतों के लिए सऊदी उनकी मदद कर सकता है। बाइडन यहां राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत भी करेंगे।