अदियाला जेल में सजा काट रहे पूर्व पीएम इमरान खान ने पीएम शहबाज शरीफ पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मैं अत्याचार और दमन के आगे झुकने के बजाय अपना पूरा जीवन जेल में बिताना पसंद करेंगे। इमरान खान ने विरोध आंदोलन शुरू करने की भी घोषणा की। उन्होंने शहबाज सरकार पर जेल में उनको परेशान करने का आरोप लगाया।
खान ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मैं अपनी पूरी जिंदगी फिरौनियत और यजीदियत (अत्याचार और उत्पीड़न) के सामने झुकने की बजाय जेल की कोठरी में बिताना पसंद करूंगा। कानून का शासन मेरे आंदोलन का केंद्रीय लक्ष्य है जो पाकिस्तान में जंगल के कानून को खत्म कर देगा। जब किसी राजनीतिक दल के लिए सभी दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं, जब उसके सदस्यों के साथ अन्याय होता है और न्यायपालिका स्वतंत्र नहीं रहती, तो शांतिपूर्ण विरोध ही एकमात्र रास्ता रह जाता है।
पूर्व पीएम इमरान खान ने अपनी पार्टी के सदस्यों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं से जोरदार राष्ट्रव्यापी आंदोलन की तैयारी करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इस बार मैं सिर्फ इस्लामाबाद का आह्वान नहीं करूंगा। मैं पूरे पाकिस्तान को उठ खड़ा होने का आह्वान करूंगा।
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खान ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं को भी चेतावनी देते हुए कहा कि वह उन लोगों से वाकिफ हैं जो दोनों पक्षों के साथ खेल रहे हैं। मैं उन लोगों से पूरी तरह वाकिफ हूं जो दोनों पक्षों सत्ता और पीटीआई के साथ खेल रहे हैं। जो लोग पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके लिए इस आंदोलन में कोई जगह नहीं होगी। जब भी मुझे मौका मिलेगा, मैं पार्टी के आंतरिक चुनाव कराऊंगा।
नौ मई 2023 को हुए दंगों को झूठा बताते हुए पूर्व पीएम ने कहा कि अगर सीसीटीवी फुटेज दिखाए जाएं तो 9 मई (2023) की घटनाएं सिर्फ आधे घंटे में सुलझ जाएंगी। असली अपराधी वे हैं जिन्होंने सीसीटीवी फुटेज चुराई है। अगर सेना वास्तव में मानती है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ नौ मई के लिए जिम्मेदार है, तो उन्हें फुटेज जारी करनी चाहिए।
शहबाज का हो पॉलीग्राफ टेस्ट
12 आतंकवाद मामलों में उनका पॉलीग्राफ परीक्षण कराने के अदालत के आदेश के बारे में खान ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का पॉलीग्राफ परीक्षण होना चाहिए। उनसे पूछा जाना चाहिए कि क्या वह चुराए गए जनादेश के जरिये सत्ता में आए हैं।
मुझे आम कैदियों को मिलने वाली सुविधाएं भी नहीं
इमरान खान ने कहा कि मुझे रावलपिंडी की अदियाला जेल में बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। मैं पाकिस्तान का पूर्व प्रधानमंत्री हूं, जेल में मुझे विशेष दर्जा प्राप्त है, फिर भी मुझे आम कैदियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी गईं। मुझे 22 महीने तक एक ऐसी कोठरी में रखा गया जो चक्की से भी बदतर है। इस बीच इस देश में चोरों, शरीफों और जरदारी को वीआईपी कोठरियों में रखा जाता है।
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मुझे बच्चों और बहनों से मिलने नहीं दिया जा रहा
खान ने कहा कि उन्हें अपने बच्चों से बात करने की अनुमति नहीं दी गई। बहनों को उनसे मिलने का अधिकार नहीं दिया गया। मुझे पिछले ढाई महीने से नई किताबें पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई है। केवल वे किताबें पढ़ने की अनुमति है जिन्हें मैंने पहले ही पढ़ लिया है। मैं एक राजनीतिक पार्टी का प्रमुख हूं, फिर भी मेरी पार्टी के सदस्यों को मुझसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। जबकि अदालत ने उन्हें मुझसे मिलने की अनुमति दी है।
पत्नी को तकलीफ पहुंचाई गई
खान ने आगे कहा कि उनकी पत्नी बुशरा बीबी को सिर्फ उन्हें तकलीफ पहुंचाने के लिए सजा सुनाई गई है। इससे ज्यादा घिनौना क्या हो सकता है? मुझे अपने परिवार या वकीलों से बात करने के लिए हर हफ़्ते सिर्फ 30 मिनट का समय दिया जाता है। सैन्य मुकदमों का समर्थन करके सुप्रीम कोर्ट ने अपनी न्यायिक प्रणाली में अविश्वास दिखाया है।