फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हैदराबाद में ड्रग्स का जाल: EAGLE ऑपरेशन से रैकेट का हुआ भंडाफोड़, कोडवर्ड से होता था सौदा; 14 गिरफ्तार

Mon, 14 Jul 2025 02:36 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेलंगाना

सार

हैदराबाद के गच्चीबौली इलाके में पुलिस की डिकॉय कार्रवाई में 14 लोगों को गांजा खरीदते हुए पकड़ा गया। इनमें आईटी प्रोफेशनल, छात्र और एक दंपती शामिल थे, जो अपने 4 साल के बच्चे के साथ पहुंचे थे। सभी का टेस्ट पॉजिटिव आया और उन्हें डि-एडिक्शन केंद्र भेजा गया। मुख्य ड्रग्स सप्लायर फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

विज्ञापन
गांजा। - फोटो : freepic
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हैदराबाद के गच्चीबौली इलाके में नशा करने वालों पर कड़ी नजर रखने के लिए एक विशेष ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें चौकाने वाली तस्वीर सामने आई। 14 लोगों को उस समय हिरासत में लिया गया जब वे गांजा खरीदने पहुंचे थे। इनमें आईटी कर्मचारी, एक छात्र और दो विवाहित जोड़े शामिल थे। हैरानी की बात यह रही कि एक दंपती अपने चार साल के बच्चे को भी साथ लेकर आया था।

एलीट एक्शन ग्रुप फॉर ड्रग लॉ इंफोर्समेंट (ईगल) द्वारा 12 जुलाई को की गई इस कार्रवाई में खुलासा हुआ कि ये सभी लोग गांजा खरीदने के लिए एक डीलर से मिलने पहुंचे थे। जब अधिकारियों ने इन लोगों की जांच की तो पाया कि सभी ने गांजे का सेवन किया है। मौके पर ही इनका यूरीन टेस्ट किया गया, जिसमें सभी पॉजिटिव पाए गए। इन सभी को नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया है।

महाराष्ट्र का युवक चला रहा था पूरा नेटवर्क

विज्ञापन

पुलिस के मुताबिक, गांजा बेचने वाला व्यक्ति महाराष्ट्र का रहने वाला है, जो बार-बार हैदराबाद आता था और खासतौर पर आईटी सेक्टर के कर्मचारियों को टारगेट करता था। वह 50-50 ग्राम के 100 पैकेट लेकर आया था, जिनमें कुल पांच किलो गांजा था। हर पैकेट को वह 3,000 रुपये में बेचता था।

मैसेजिंग ऐप के जरिए करता था कोडवर्ड में बातचीत
इस ड्रग पेडलर के पास 100 से ज्यादा नियमित ग्राहकों की लिस्ट थी। वह एक इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप के जरिए कोडवर्ड में ग्राहकों से बात करता था। जैसे, "भाई बच्चा आ गया" – इस वाक्य का मतलब था कि गांजा पहुंच गया है। यह तरीका उसे पकड़ से बचने में मदद करता था।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  एअर इंडिया के CEO ने कहा- बोइंग 787-8 विमान में मशीनी या रखरखाव संबंधी समस्या नहीं पाई गई थी

पकड़ में नहीं आया मुख्य आरोपी
ईगल की टीमों ने सादे कपड़ों में रहकर पूरे इलाके की निगरानी की और जैसे ही ग्राहक गांजा खरीदने पहुंचे, उन्हें दबोच लिया गया। हालांकि, मुख्य आरोपी ड्रग पेडलर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।

ये भी पढ़ें-  'कैलाश मानसरोवर यात्रा बहाली की भारत में खूब सराहना हुई', चीनी उपराष्ट्रपति से बोले जयशंकर

ड्रग्स से युवाओं को बचाने की कोशिश

विज्ञापन

पुलिस ने सभी पकड़े गए लोगों को नशा मुक्ति केंद्र भेजा है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान का मकसद न सिर्फ ड्रग्स बेचने वालों को पकड़ना है, बल्कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को समय रहते रोकना और उनका इलाज कराना भी है। EAGLE की टीम ने बताया कि इस तरह के ऑपरेशन भविष्य में और भी चलाए जाएंगे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें