सीरिया के दक्षिणी स्वैदा प्रांत में ड्रूज धार्मिक अल्पसंख्यक की मिलिशिया और सुन्नी बेदुइन कबीलों के बीच हुई हिंसक झड़पों ने एक बार फिर देश में अस्थिरता को उजागर कर दिया है। इन झड़पों में अब तक 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 100 लोग घायल हुए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने सेना और आंतरिक मंत्रालय की टीमें मौके पर भेजी हैं।
अब तक 37 की मौत, बच्चों की भी जान गई
रिपोर्ट के अनुसार, इन झड़पों में कम से कम 37 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। झड़पों में कई लोग घायल भी हुए हैं और स्थानीय अस्पतालों में इलाज जारी है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए सेना की टुकड़ियों को सुरक्षा चौकियों पर तैनात किया गया है।
स्थिति नियंत्रण से बाहर- सरकार ने माना
ड्रूज समुदाय की सरकार पर संदेह भरी नजर
ड्रूज समुदाय सीरिया में एक धार्मिक अल्पसंख्यक है जिसकी जड़ें 10वीं सदी के इस्माइली शाखा से जुड़ी हैं। ये समुदाय मुख्य रूप से स्वैदा प्रांत और दमिश्क के दक्षिणी उपनगरों में रहता है। बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद से ड्रूज गुटों ने अपने हथियारबंद समूह बनाए और नई सरकार को लेकर अब भी उनमें गहरा संशय है।
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14 साल की जंग के बाद भी शांति दूर