हंगरी के PM ऑर्बन और यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की
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हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने यूक्रेन पर अपने देश के आगामी चुनावों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया और यूक्रेनी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब किया। ऑर्बन का यह कदम उनके लंबे समय से चल रहे एंटी-यूक्रेन अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
रूस के करीबी ऑर्बन ने अपने समर्थकों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि पड़ोसी देश यूक्रेन हंगरी की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरा बन सकता है। 12 अप्रैल को होने वाले चुनावों में ऑर्बन का सामना सबसे बड़े राजनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनके राइट‑विंग पार्टी फिडेज को अधिकांश सर्वेक्षणों में डबल डिजिट से पिछड़ते देखा गया है।
यूक्रेन के राजदूत को तलब किया
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में ऑर्बन ने कहा कि यूक्रेन के राजनीतिक नेता और यहां तक कि राष्ट्रपति स्वयं ने हंगरी और हंगरी सरकार के खिलाफ गंभीर रूप से अपमानजनक और धमकी भरे बयान दिए। हालांकि ऑर्बन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन से बयान उनके संदर्भ में थे। ऑर्बन ने कहा हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस नवीनतम यूक्रेनी हमला का मूल्यांकन किया है और पाया कि यह हंगरी के चुनावों में हस्तक्षेप की एक संगठित श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने विदेश मंत्री को निर्देश दिया है कि यूक्रेन के राजदूत को तलब किया जाए।
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'कीव के प्रति EU वित्तीय समर्थन का करें विरोध'
- पिछले वर्ष में ऑर्बन ने एंटी-यूक्रेन अभियान को और तेज किया है।
- उन्होंने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी, विपक्षी नेता पीटर मज़्गर पर बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगाया।
- 'वह कीव के साथ मिलकर उनकी सरकार को हटाने और प्रॉ-वेस्टर्न, प्रॉ-यूक्रेन प्रशासन स्थापित करने की योजना बना रहे हैं।'
- हंगरी की सरकार ने यूरोपीय संघ की यूक्रेन को वित्तीय और सैन्य सहायता देने की नीतियों का विरोध किया है।
- साथ ही चेतावनी दी है कि वह यूक्रेन के ईयू में शामिल होने के किसी भी कदम का वीटो कर सकती है।
- इस महीने ऑर्बन सरकार ने राष्ट्रीय पिटीशन की शुरुआत की है।
- जिसमें मतदाताओं से आग्रह किया गया है कि वे कीव के प्रति EU वित्तीय समर्थन का विरोध करें।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ऑर्बन की आलोचना की
दूसरी ओर, पिछले सप्ताह स्विट्जरलैंड में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलेदिमिर जेलेंस्की ने ऑर्बन की आलोचना की और कहा कि वह यूरोपीय पैसे पर जीवित हैं, जबकि यूरोपीय हितों को बेचने की कोशिश कर रहे हैं। जेलेंस्की ने कहा अगर उन्हें मॉस्को में आरामदायक महसूस होता है, इसका मतलब यह नहीं कि हमें यूरोपीय राजधानी को छोटे मॉस्को बनने देना चाहिए।
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