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PM नेतन्याहू जेल जाएंगे?: हंगरी के भावी प्रधानमंत्री के बयान से हलचल, जानिए किस वारंट के तहत कार्रवाई की आशंका

Tue, 21 Apr 2026 12:51 PM IST
Shivam Garg वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बुडापेस्ट

सार

क्या हंगरी पहुंचते ही नेतन्याहू गिरफ्तार हो सकते हैं? PM पीटर के बयान ने आईसीसी वारंट को लेकर नई बहस छेड़ दी है और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
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इस्राइली पीएम पर शिकंजा? - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान के साथ जारी टकराव के बीच अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है। हंगरी के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री पीटर मैग्यार के बयान ने वैश्विक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हंगरी आते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्रीय तनाव पहले से ही चरम पर है।

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ICC वारंट का हवाला
स्काई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, मैग्यार ने स्पष्ट किया कि हंगरी की सीमा में प्रवेश करने वाले किसी भी ऐसे व्यक्ति को हिरासत में लिया जाएगा, जिसके खिलाफ इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) का गिरफ्तारी वारंट जारी है। उन्होंने यह भी दोहराया कि हंगरी अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करेगा और आईसीसी की सदस्यता बनाए रखेगा। इसके साथ ही उन्होंने पिछली सरकार के उस फैसले को भी पलटने की बात कही, जिसमें आईसीसी से बाहर निकलने की योजना बनाई गई थी।

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बयान से तेज हुई राजनीतिक चर्चा
मैग्यार का यह बयान इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में उन्होंने नेतन्याहू को हंगरी आने का निमंत्रण दिया था। इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह निमंत्रण 1956 के आंदोलन की 70वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम के तहत कई देशों के नेताओं को भेजा गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नेतन्याहू को पहले ही बता दिया गया था कि हंगरी आईसीसी के नियमों से पीछे नहीं हटेगा और कानून का पूरी तरह पालन करेगा।
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क्यों बना हुआ है मामला चर्चा में
दरअसल, साल 2024 में आईसीसी ने बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसी वजह से यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब हंगरी के प्रधानमंत्री के इस सख्त रुख के बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया है, जिससे आने वाले समय में कूटनीतिक संबंधों पर असर पड़ सकता है।

 

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