इंडोनेशिया के गुनुंग पलुंग नेशनल पार्क में वैज्ञानिकों ने पहली बार पाया कि ऑरंगउटान भी गोद लेकर बच्चों की परवरिश करते हैं। जिस रोसा और रॉनी को वर्षों तक मां-बेटी माना गया, वे दरअसल बहनें थीं। मां की मौत के बाद बड़ी बहन रोसा ने छोटी रॉनी को गोद लेकर पाला।
इंडोनेशिया के गुनुंग पलुंग नेशनल पार्क के घने वर्षावनों में रहने वाले दो मादा ऑरंगउटानों रोसा और रॉनी को वैज्ञानिक लंबे समय तक मां-बेटी समझते रहे। दोनों साथ घूमतीं, एक ही घोंसले में सोतीं और बड़े प्यार से फल साझा करतीं। पर नेशनल ज्योग्राफिक में प्रकाशित नई स्टडी बताती है कि यह रिश्ता असल में मां-बेटी का नहीं, बल्कि बड़ी और छोटी बहन का था।
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बड़ी बहन रोसा ने मां की मौत के बाद छोटी रॉनी को गोद लेकर पाला। यह ऑरंगउटानों में गोद लेने का पहला विस्तृत वैज्ञानिक दस्तावेज है, जो इन एकाकी जीवों के सामाजिक व्यवहार की नई परतें खोलता है। दुनिया को पहली बार पता चला कि ऑरंगउटान परिवार के बच्चों को गोद देते हैं। बोस्टन यूनिवर्सिटी की मानवविज्ञानी चेरिल नॉट नेे डीएनए विश्लेषण कराया तब जाकर दोनों बहनों का सच सामने आया।
दोनों की उम्र में रहा करीब सात साल का फासला
सगी मां वेली थी, जो 2016 के बाद जंगल में नहीं दिखी। वेली की छोटी बेटी वाना को अंतिम बार 4 साल की उम्र में देखा गया था। बाद में पता चला कि वाना ही आगे चलकर रॉनी बनी। यानी मां की मौत के बाद बड़ी बहन रोसा ने उसे अपना लिया। 2017 में जब रोसा पहली बार रॉनी के साथ दिखी, वह लगभग 12 वर्ष की थी और रॉनी 5 वर्ष की।