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South Africa: अफ्रीका में गांधी-मंडेला के भित्ति चित्रों का लोकार्पण, समुदायों के बीच एकजुटता दिखाने की कोशिश

Sat, 03 Sep 2022 09:11 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, डरबन

सार

भारतीय मूल के कलाकार सोबेन ने कहा कि मैं चाहता हूं कि ये भित्ति चित्र दीवार पर इतिहास के पाठ बनें। उम्मीद है कि ये छवियां हमारे अतीत और वर्तमान के इन महान नेताओं को जानने और पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।
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मशहूर कलाकार और कार्टूनिस्ट नंदा सोबेन (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चैट्सवर्थ के इंडियन टाउनशिप के आर्यन बेनेवोलेंट होम में महात्मा गांधी, नेल्सन मंडेला, डेसमंड टूटू, अहमद कथराडा और कई अन्य दक्षिण अफ्रीकी नेताओं के भित्ति चित्रों का दीवार पर अनावरण किया गया। 
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यह भित्ति चित्र भारतीय मूल के मशहूर कलाकार नंदा सोबेन ने बनाए हैं। दक्षिण अफ्रीका में पिछले साल हुई हिंसा के बाद सोबेन ने भित्ति चित्र बनाने में एक माह से अधिक समय लगाया। यह उनकी दक्षिण अफ्रीका के विभिन्न समुदायों के बीच एकजुटता दिखाने की कोशिश थी। अश्वेत अल्पसंख्यकों के रंगभेदी शासन के बाद अफ्रीकी समुदाय ने 1994 में लोकतांत्रिक व्यवस्था की शुरुआत की। 

सोबेन ने कहा कि उनके भित्ति चित्र का उद्देश्य अशांति के बाद शांति और एक गैर-नस्लीय समाज को लाना है। यह सामाजिक एकता लाने के लिए है। सोबेन ने कहा कि इसका उद्देश्य यह दिखाना है कि दक्षिण अफ्रीका में विभिन्न जातियों ने हमारे देश को रंगभेद से मुक्त करने के लिए महान बलिदान दिए हैं। 
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सोबेन ने कहा कि मैं चाहता हूं कि ये भित्ति चित्र दीवार पर इतिहास के पाठ बनें। उम्मीद है कि ये छवियां हमारे अतीत और वर्तमान के इन महान नेताओं को जानने और पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेंगी। 

उन्होंने याद किया कि कैसे लगभग तीन देशक पहले उन्होंने न्यूयॉर्क में एक भित्ति चित्र बनाया था जिसने उन्हें दक्षिण अफ्रीका में भी कुछ ऐसा ही करने के लिए प्रेरित किया।

नेल्सन मंडेला के राष्ट्रपति बनने के बाद 1994 में सेंटर फॉर फाइन आर्ट एनिमेशन डिजाइन शुरू करने के लिए दक्षिण अफ्रीका लौटने से पहले सोबेन को विदेश जाना पड़ा ताकि वह एक कलाकार और कार्टूनिस्ट के रूप में अपने करियर को आगे बढ़ा पाएं। 

मुखर होने के कारण सोबेन के सामने शासन की कई चुनौतियां थीं। हालांकि प्रमुख समाचार पत्रों में उस समय उनके रंगभेद विरोधी कार्टूनों की व्यापक रूप से सराहना की गई। 
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