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Russia-Ukraine War: लकड़ी के डिब्बों में रखकर रूस भेजे गए ड्रोन, यूक्रेन का ऑपरेशन स्पाइडर वेब ऐसे हुआ सफल

Mon, 02 Jun 2025 10:35 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव

सार

यूक्रेन ने भीषण ड्रोन हमले में रूस के 40 से ज्यादा सैन्य विमानों को तबाह कर दिया। यूक्रेन की ओर से पहली बार रूस पर अब तक का सबसे लंबी दूरी का हमला किया। यूक्रेन ने अपने इस अभियान को ऑपरेशन स्पाइडर वेब नाम दिया है। आइए जानते हैं कैसे दिया गया रूस में हमले को अंजाम...।
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यूक्रेन का रूस में ड्रोन हमला - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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यूक्रेन ने रविवार को रूस में अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया। यूक्रेन के ड्रोन ने रूस के अंदर घुसकर बड़ी तबाही मचाई और उसके पांच एयरबेस को निशाना बनाया। यूक्रेन ने अपने इस गुप्त अभियान को ऑपरेशन स्पाइडर वेब नाम दिया है। करीब डेढ़ साल की लंबी योजना के बाद यूक्रेन के हमले में रूस के 41 विमानों को निशाना बनाया गया। इसमें टीयू-95 और टीयू-22 रणनीतिक बमवर्षक और ए-50 रडार डिटेक्शन और कमांड विमान शामिल थे। अपने ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए यूक्रेन ने लकड़ी के डिब्बों में रखकर रूस तक ड्रोन भेजे थे। आइए जानते हैं यूक्रेन के ऑपरेशन स्पाइडर वेब ने कैसे रूस को नुकसान पहुंचाया?
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वोलोडिमीर जेलेंस्की, यूक्रेनी राष्ट्रपति - फोटो : ANI
डेढ़ साल से चल रही थी ऑपरेशन स्पाइडर वेब की तैयारी
यूक्रेन डेढ़ साल से ऑपरेशन स्पाइडर वेब की तैयारी कर रहा था। ड्रोन को कैसे और कब लॉन्च करना है, बाकायदा इसकी पूरी योजना बनाई गई। यूक्रेन के ड्रोन रूस की सीमा के अंदर चार हजार किमी तक कैसे पहुंचें, इसका भी पूरा खाका तैयार किया गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि डेढ़ साल से ज्यादा की योजना के बाद ऑपरेशन स्पाइडर वेब शुरू किया गया। हमने बड़े पैमाने पर किए इस हमले में 117 ड्रोन तैनात किए। इन ड्रोन ने लक्षित हवाई क्षेत्रों में क्रूज मिसाइल वाहकों के 34 प्रतिशत हिस्से को निशाना बनाया।



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ड्रोन - फोटो : ANI
ट्रक में छिपाकर रूस की सीमा ले जाए गए ड्रोन
रूस के हमलों का यूक्रेन ने पहले भी ड्रोन से जवाब दिया है। इस बार भी यूक्रेन ने ड्रोन का इस्तेमाल करके रूस को नुकसान पहुंचाया। यूक्रेन सुरक्षा सेवा (एसबीयू) ने बताया कि ऑपरेशन स्पाइडर वेब के लिए ड्रोन को पहले तस्करी के जरिये ट्रक में छिपाकर रूस की सीमा के अंदर पहुंचाया गया। इन ड्रोन को ट्रकों में लकड़ी के डिब्बे में छिपाया गया था। हमले के वक्त ट्रक की छत को खोला गया और ड्रोन ने हमले शुरू कर दिए। एसयूबी की ओर से जारी की गई तस्वीरों में परिवहन कंटेनरो में काले छोटे ड्रोन छिपे नजर आ रहे हैं। 

हमला

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
कहां-कहां मचाई ड्रोन ने तबाही
यूक्रेन ने ड्रोन से रूस में पांच एयरबेस पर तबाही मचाई। रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यूक्रेन ने एफपीवी ड्रोन से मरमंस्क, इरकुत्स्क, इवानोवो, रियाजान और अमूर क्षेत्रों में उसके पांच सैन्य हवाई अड्डों पर हमला किया। हमलों में उसके कई विमानों में आग लग गई। मरमंस्क और इरकुत्स्क क्षेत्रों में सैन्य हवाई अड्डों के नजदीकी इलाकों से एफपीवी ड्रोन लॉन्च होने से कई विमानों में आग लग गई। रूस के रक्षा मंत्रालय ने माना कि ड्रोन यूक्रेन से नहीं बल्कि एयरबेस के आसपास से ही लॉन्च किए गए।  यूक्रेन की सीमा से करीब चार हजार किमी दूर इरकुत्स्क ओब्लास्ट में बेलाया एयरबेस और उत्तर में दो हजार किमी दूर मरमंस्क ओब्लास्ट में ओलेन्या एयरबेस पर हमला किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इन दोनों एयरबेस पर रूसी विमान जलते हुए दिखाई दे रहे हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध - सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
रूस को सात अरब डॉलर का नुकसान
यूक्रेन ने अपने ड्रोन हमले से रूस को करारा झटका दिया है। यूक्रेन की सुरक्षा सेवा का दावा है कि हमलों के बाद रूस के सैन्य विमानो को करीब सात अरब डॉलर का नुकसान पहुंचा है। एसबीयू ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि सात बिलियन डॉलर: यह दुश्मन के रणनीतिक विमानन की अनुमानित लागत है, जिसे विशेष अभियान से नुकसान पहुंचाया गया।

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन - फोटो : ANI
संघर्ष विराम वार्ता से पहले यूक्रेन ने उठाया कदम
यूक्रेन ने बीते तीन साल में पहली बार सबसे बड़ा हमला किया है। यह उस वक्त में हुआ है, जब रूस-यूक्रेन के बीच तुर्किये में संघर्ष विराम को लेकर वार्ता होनी है। यू्क्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने वार्ता में भाग लेने के लिए रक्षा मंत्री रुस्तम उमरोव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल इस्तांबुल भेजा है। जेलेंस्की ने कहा कि हम अभी भी पूर्ण और बिना शर्त संघर्षविराम (सीजफायर) का प्रस्ताव दे रहे हैं। ऐसे सभी तार्किक और सम्मानजनक कदमों की पेशकश भी कर रहे हैं। इससे एक स्थायी और विश्वसनीय शांति की ओर बढ़ा जा सकता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा, रूस को हमने जो प्रस्ताव भेजा है वह तर्कसंगत और यथार्थवादी है।

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